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बांदा। गर्म हवाओं व आसमान से बरस रही आग ने मंगलवार को पांच साल का रिकार्ड तोड़ दिया। पंखे, कूलर व एसी सभी बेअसर साबित हो रहे हैं। रही सही कसर बिजली कटौती ने पूरी कर रखी है। मंगलवार दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जरूरी काम से निकले लोग शरीर को पूरी तरह ढ़क कर निकले। लोगों के बार-बार गले सूख रहे थे। अधिकतम तापमान 44.7 डिग्री रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार सूरज के तेवर पूरे मई माह तीखे रहेंगे।

पिछले एक सप्ताह से पारे के तेवर विकराल हो गए हैं। सुबह 10 बजे दोपहर जैसी तपिश का एहसास हो रहा है। दोपहर में तो मानो आसमान से आग बरस रही थी। जो लोग चेहरा ढ़क कर नहीं निकले उन्हें गर्म हवाएं सुई की तरह चुभ रहीं थी। कई जगहों पर लोग मुंह धोकर पानी पीते दिखे। भीषण गर्मी के बाद भी शहर में प्याऊ के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

कचहरी, रोडवेज, प्राइवेट बस स्टैंड व तहसील आदि स्थानों पर लोग ठंडा पानी पाने के लिए भटकते नजर आए। यहां पर लगे हैंडपंप भी सूखे पड़े हैं। बिजली की आवाजाही ने भी घर हो या दफ्तर सभी जगह लोगों को पसीने से तरबतर कर दिया।

कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते तेजी से मौसम में बदलाव हो रहा है। बताया कि अभी पूरे मई सूरज के तेवर तीखे रहेंगे। बीच-बीच में आसमान में बादल छाएंगे और बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन इससे लोगों को कुछ ही घंटों के लिए राहत मिलेगी। आसमान के साफ होते ही तपिश बढ़ जाएगी।



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