पहाड़ी (चित्रकूट)। थाना अंतर्गत बकटा बुजुर्ग गांव में दोपहर को सात कच्चे घरों में आग लग गई। इससे घर में रखी गृहस्थी सहित अन्य कीमती सामग्री जल गईं। पांच बकरियों की जलने से मौत हो गई। मौके पर फायर बिग्रेड की टीम व पुलिस पहुंचकर आग को बुझाया। इस घटना से 20 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बकटा बुजुर्ग गांव में बुधवार को बिजली के शार्ट-सर्किट से चुन्नू खान पुत्र सरदार के घर में आग लग गई। मौके पर चुन्नू का परिवार खेत में था। जानकारी होते ही वह घर पहुंचे लेकिन आग पूरी तरह से फैल चुकी थी। हवा चलने से आग की चिंगारी पड़ोस के मुन्ना पुत्र सुलेमान, सुबरात पुत्र सरदार, रजा हुसैन पुत्र सरदार, सरदार पुत्र नाजिर व मुन्ना पुत्र सरदार के घरों तक पहुंच गई। आग को बुझाने का प्रयास किया जा रहा था लेकिन आग की लपटों ने अजय पांडेय व उसके पिता चिंतामणि के घर की छतों को भी अपनी चपेट में ले लिया। धू धू कर लगी आग से इन घरों में रखी सामग्री अनाज, कपड़े, सोना-चांदी व अन्य सामग्री पूरी तरह से जल गईं।
आग से पांच बकरियों की भी मौत हो गई। सुबरात की चार व मुन्ना खां की एक बकरी मरी है। इस घटना से पीड़ित परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी होने पर थानाध्यक्ष पहाड़ी नागेंद्र कुमार नागर पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। घटना के एक घंटे बाद फायर बिग्रेड की गाडिय़ां भी पहुंची लेकिन तब तक पीड़ितों की गृहस्थी राख हो चुकी थी। पहाड़ी विकास खंड के सहायक विकास अधिकारी रूपनारायण सिंह पीड़ित परिवारों को खाने पीने की सामग्री दी। आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि बिजली के शार्ट-सर्कि ट होने से आग लगी है।
इनसेट
कमाई के 60 हजार रुपये राख
चित्रकूट। पीड़ित चुन्नू खान ने बताया कि वह हरियाणा में ईंट-भट्ठा में काम करता है। कुछ दिन पहले ही वह अपने घर आया था। उसकी कमाई के 60 हजार रुपये भी जल गये। रजा हुसैन ने बताया कि परिवार की महिलाओं के जेवरात भी जल गये। पीड़ित महिलाएं अपने आशियानों में जले जेवर के कुछ हिस्से, अनाज व जले नोटों को सहेजती रहीं। आग लगने से पूरी तरह से घर जल गए हैं। जिसके चलते खुले आसमान के नीचे पीड़ित रहने को मजबूर हैं। समाजसेवी खाने-पीने की सामग्री दे रहे हैं। जिससे वह अपने बच्चों व परिवार को पेट भर रहे हैं।
अलग से लगाना
दिन भर रूलाती रही बिजली
चित्रकूट। शहर में बुधवार को बिजली आपूर्ति दिनभर अव्यवस्थित रही। सुबह दस बजे से लेकर रात आठ बजे तक महज चार घंटे ही बिजली मिली। कई बार लाइट के आने जाने का क्रम बना रहा। भीषण गर्मी में अधिकतम तापमान 43 डिग्री के आसपास रहा। बिजली की आवाजाही से सभी परेशान रहे। संवाद
