
सांकेतिक तस्वीर
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गर्मी बढ़ने के साथ ही जुकाम, बुखार, खांसी के मरीजों संख्या में बढ़ोत्तरी होने लगी है। इसी बीच एक महीने (30 दिन) के भीतर इन बीमारियों के इलाज में काम आने वाली दवाइयां एंटीबायोटिक, एलर्जी, इन्हेलर, इंसुलिन के दाम भी 20 फीसदी बढ़ गए हैं। छोटे बच्चों के डिब्बा बंद दूध के दाम में भी बढ़ोतरी हो गई है।
हालांकि मधुमेह, कई कंपनियों की एंटीबायोटिक और सांस की कुछ दवाओं की कीमतें घटी भी हैं। गाजियाबाद केमिस्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ मंत्री अमित बंसल ने बताया कि बुखार व दर्द में इस्तेमाल होने वाली जीरोडॉल-एसपी की 10 गोलियों की कीमत 107 रुपये से बढ़कर 118 रुपये हो गई है।
जीरोडॉल-पी की कीमत 60 से 66 रुपये हो गई है। इसी तरह गुडसेफ टेबलेट की कीमत भी 145 से बढ़कर 164 रुपये हो गई है। दर्द में काम आने वाला पीपजो इंजेक्शन 260 से बढ़कर 305 रुपये का हो गया है। करीब एक माह पहले जो दवा 100 रुपये में मिल जाती थीं, उनके लिए अब 120 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।
डिब्बा बंद दूध के दाम भी बढ़े
गाजियाबाद केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिला महामंत्री राजीव त्यागी ने बताया कि डिब्बा बंद दूध बनाने वाली कंपनियों ने 20 फीसदी दाम बढ़ा दिया है। कई नामी कंपनियों के दूध के दाम 380 से बढ़कर 430 रुपये हो गए हैं। बच्चों के लिए पोषक आहार भी 305 से बढ़कर 335 रुपये हो गया है। इसी तरह बॉर्नबीटा भी 228 रुपये से बढ़कर 245 रुपये का 500 ग्राम हो गया है।
