मृतक युवक की फाइल फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत के मामले में डाॅक्टर समेत दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। चार दिन पहले युवक ललितपुर रोड पर दुर्घटना का शिकार हुआ था। परिजनों ने डाॅक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
राजगढ़ निवासी विद्याधर रजक का पुत्र शिवम कुमार (24) एक निजी शिक्षण संस्थान में नौकरी करता था। भाई पवन ने बताया कि 22 मई को शिवम बाइक से हंसारी से घर लौट रहा था। रास्ते में कैलिव विहार आर्मी कॉलोनी के पास सामने से आ रही एक कार डिवाइडर फांदकर दूसरी लाइन में आ गई और शिवम की बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में शिवम गंभीर घायल हो गया था। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। शिवम के सिर में चोट आई थी।
मेडिकल कॉलेज में न्यूरो सर्जन डॉ. दिनेश राजपूत की देखरेख में शिवम का इलाज चल रहा था। भाई ने बताया कि 26 मई को डॉ. दिनेश शिवम को देखने के लिए आए। उन्होंने शिवम को तीन दिन में ठीक करने का भरोसा देकर सरोज हॉस्पिटल में भर्ती कराने के लिए कहा। इस पर उसे सरोज हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया। भाई ने आरोप लगाया कि यहां डॉ. दिनेश राजपूत की लापरवाही से शिवम की चार घंटे बाद ही मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजन भड़क गए थे। उन्होंने शुक्रवार रात काे अस्पताल में हंगामा भी किया था। इसके बाद पुलिस ने कार चालक अनिल झारखड़िया व डा. दिनेश राजपूत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
