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संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट

Updated Mon, 29 May 2023 12:15 AM IST

चित्रकूट। उप्र ग्लोबल इनवेस्टर समिट में चित्रकूट जिले में 48 करोड़ रुपये की लागत से उद्योग लगाने का एमओयू पर हस्ताक्षर करने वाले उद्यमी ने एसडीएम मानिकपुर पर पर पक्षपात का आरोप लगाया है। बताया कि पहले हैसियत प्रमाण पत्र के लिए फिर चरित्र प्रमाण पत्र के लिए रिश्वत मांगी गई। यह रकम लाखों में होने के कारण नहीं दे सके तो उनका चरित्र प्रमाण पत्र पर गलत आख्या लगा दी गई है। उन्होंने सीएम को ट्वीट कर निराशा जताई और एमओयू निरस्त कराने की मांग की है।

जिले के मानिकपुर शास्त्रीनगर निवासी संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने मेसर्स अग्रवाल प्रिकॉस्ट के नाम से ग्लोबल इनवेस्टर समिट लखनऊ व फिर चित्रकूट में हुई मीटिंग में 48 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें 200 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है। इस काम को आगे बढ़ाने के लिए हैसियत व चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने का काम शुरु किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एसडीएम मानिकपुर ने उनसे इन प्रमाण पत्रों के लिए एमओयू करार का 10 प्रतिशत रिश्वत में मांगा है।

इसे न देकर सांसद आरके पटेल से शिकायत की तो हैसियत प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इसके बाद चरित्र प्रमाण पत्र के लिए चक्कर लगवाए। परेशान होकर उन्होंने सीएम को ट्वीट कर मामले की जानकारी दी और करार निरस्त कराने की मांग की है। आरोप लगाया कि जिला मुख्यालय से सारी रिपोर्ट जाने के बाद मानिकपुर एसडीएम ने उनकी गलत रिपेार्ट लगाकर चरित्र प्रमाण पत्र को गलत कर रिपोर्ट भेज दी है।

पूरे मामले में एसडीएम मानिकपुर प्रमेश श्रीवास्तव का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने किसी के चरित्र प्रमाण पत्र में गलत रिपोर्ट नहीं लगाई और न ही रिश्वत मांगी है। उद्यमी संजय जिले के टॉप-10 अतिक्रमणकारियों में चौथे स्थान पर हैं। तालाब की जमीन पर उनका भवन बना है। इस मामले का मुकदमा चल रहा है। ऐसे में जब उच्चाधिकारियों ने रिपोर्ट मांगी तो उन्होंने यह लिखकर दिया कि चरित्र प्रमाण पत्र जारी करने की संस्तुति नहीं दी जा सकती है। प्रमाण पत्र के एक कॉलम में लिखा है कि इनका अतिक्रमण का वाद चल रहा है।



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