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बांदा। दूर दराज क्षेत्रों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला मुख्यालय आने वाले छात्रों के लिए राजकीय जिला पुस्तकालय संजीवनी साबित हो रहा है। राजकीय जिला पुस्तकालय में पढ़ने के माहौल के साथ- साथ 37 हजार किताबों का बड़ा साहित्य संग्रह है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी व साहित्य के अलावा वेद और पुराणों का भी संग्रह है। हालांकि यहां तैयारियों के लिए नए संस्करणों के किताबों की दरकार है।

हमीरपुर जिले के करहिया गांव निवासी हिमांशू राजकीय जिला पुस्तकालय आकर छह माह से वनडे परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। पिता मजदूर हैं। हिमांशू का कहना है कि यहां पढ़ने का माहौल है। उन्हें दैनिक अखबार समेत मासिक पत्रिकाएं पढ़ने को मिल रही हैं। फतेहगंज (बदौसा) निवासी प्रिंस राजकीय जिला पुस्तकालय में करीब डेढ़ वर्ष से एसएससी की तैयारी कर रहे हैं।

पिता रामऔतार गुप्ता छोटे किसान हैं। प्रिंस ने बताया कि किताबें लेना आसान है पर पढ़ाई का माहौल मिलना बड़ा मुश्किल है जो उन्हें राजकीय जिला पुस्तकालय में मिल रहा है। बांदा के गायत्री नगर निवासी रोशनी साहू के पिता वृंदावन साहू मजदूर हैं। वह एसएससी (जेई) की तैयारी कर रहीं हैं। रोशनी का कहना है कि जिला पुस्तकालय में पढ़ाई का शुद्ध वातावरण है। यहां किताबों और अपने पाठ्यक्रम को पढ़ सकते हैं, ज्यादा कोई एक दूसरे से बात नहीं करता।

बांदा के क्योटरा निवासी अंशिका नेट की तैयारी कर रहीं हैं, पिता किसान हैं। उनका कहना है कि राजकीय जिला पुस्तकालय में वाई-फाई लगने से सेलेब्स के मुताबिक ऑनलाइन पढ़ाई करना आसान हो गया है। पत्रिकाओं, दैनिक समाचार पत्रों और साहित्य पढ़ने को मिल रहा है।

– नए संस्करणों की डिमांड भी भेजी गई

राजकीय जिला पुस्तकालय के प्रभारी डॉ.सुशील सिंह गौतम का कहना है कि पुस्तकालय सीसीटीवी कैमरों से लैस है। छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई का पूरा माहौल है। यहां 37 हजार किताबों का साहित्य संग्रह है।

दैनिक समाचार पत्र, मासिक पत्रिकाएं उपलब्ध हैं। वाई-फाई लगने से अब छात्र अब पाठ्यक्रम के मुताबिक ऑनलाइन भी पढ़ रहे हैं। तैयारी के लिए नए संस्करणों की आवश्यकता है, जिसकी डिमांड भेज दी गई है।



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