बांसी में जानकी प्रसाद आत्महत्या प्रकरण: एसपी ने क्षेत्राधिकारी सदर को सौंपी मामले की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कस्बा बांसी निवासी व्यक्ति द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के बाद बांसी में तैनात उपनिरीक्षक पर रुपये लेने और 20 हजार रुपये और मांगने के आरोप लगाए थे। मामले में एसपी ने उपनिरीक्षक को लाइन हाजिर कर फिलहाल इसकी जांच क्षेत्राधिकारी सदर अभय नारायण को सौंप दी है। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि जानकी प्रसाद की जान चली गई लेकिन एसपी ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आरोपी को लाइन हाजिर कर खानापूरी कर दी।
कस्बा बांसी के मोहल्ला कुरयाना निवासी जानकी प्रसाद (50) पुत्र चेतराम रजक ने मंगलवार की सुबह घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने इस मामले को लेकर बांसी चौकी में तैनात उपनिरीक्षक पर छह हजार रुपये लेने और 20 हजार रुपये की और मांग करने के आरोप लगाए थे। साथ ही मांग पूरी न करने पर प्रताड़ित करने के आरोप भी लगाए थे। इसे लेकर जानकी प्रसाद की आत्महत्या के बाद परिजनों ने पुलिस को शव फंदे से नहीं उतारने दिया था।
उपनिरीक्षक पर लगे आरोपों को पुलिस अधीक्षक अभिषेक अग्रवाल ने गंभीरता से लिया बांसी चौकी में तैनात उपनिरीक्षक अखलेख मिश्रा को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। साथ में पूरे मामले की जांच क्षेत्राधिकारी सदर अभय नारायण को सौंप दी है। सीओ सदर ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार प्रथम दृष्टया जांच में उपनिरीक्षक के द्वारा मृतक जानकी प्रसाद से रुपये लेने की बात प्रकाश में आई है।
जानकी प्रसाद कपड़ा प्रेस करने की दुकान चलाता था। मृतक के भाई मोहन ने पुलिस को बताया था कि सात मई को मोहल्ले की एक महिला ने जानकी के पुत्र नीलू के खिलाफ मारपीट के एक मामले की शिकायत पुलिस से की थी। आरोप है कि इस मामले को लेकर बांसी चौकी पर तैनात दरोगा पैसे की मांग कर रहा था। जानकारी की मौत के बाद परिजनों ने इसी बात को लेकर हंगामा किया था। अब इसमें दरोगा को सिर्फ लाइन हाजिर करने से क्षेत्र में रोष का माहौल है।
मृतक जानकी प्रसाद के परिजनों ने बांसी चौकी में तैनात दरोगा पर रुपये लेने के आरोप लगाए थे। इस पर पुलिस अधीक्षक के द्वारा दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की जांच उनके द्वारा की जाएगी। जल्द ही जांच आख्या एसपी के समक्ष प्रेषित कर दी जाएगी।
अभय नारायण राय, क्षेत्राधिकारी सदर
