बांदा। पुलिस अभिरक्षा से भागने के मुकदमे में दोष साबित होने पर जज ने दो वर्ष की सजा और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। दोषी वर्तमान में झांसी जेल में बंद है। उसके खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हैं।
बांदा जीआरपी ने 27 जून 2011 को लोकपाल सिंह उर्फ टिंकू सिंह निवासी पारा खेरा थाना प्रथ्वीपुर टीकमगढ़ मध्य प्रदेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि एएसआई शिवशांत व आरक्षी रामजी, कौशल किशोर व कृष्णदेव टीकमगढ़ जेल से लोकपाल को लेकर हाईकोर्ट जबलपुर पेश करने ले जा रहे थे। बांदा स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो लोकपाल सिंह पेशाब के बहाने बाथरूम गया। जहां पर हथकड़ी निकालने के बाद ट्रेन से कूद कर भाग गया।
घटना के तीन माह बाद पुलिस ने लोकपाल को झांसी से गिरफ्तार किया था। जीआरपी ने विवेचना के बाद 20 दिसंबर 2012 को आरोप पत्र बांदा न्यायालय में पेश किया था। मुकदमे की सुनवाई प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमरुज्जमा खां की अदालत में चल रही थी। अपर शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी ने सात गवाह पेश किए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने लोकपाल सिंह को दोषी करार देते हुए दो वर्ष का कारावास और तीन हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। लोकपाल अंतरराज्यीय अपराधी है। उसके खिलाफ कई जिलों में हत्या समेत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्तमान में वह झांसी जेल में सजा काट रहा है।
