चित्रकूट। सीतापुर चौकी क्षेत्र के बाण तालाब मोहल्ले में जोशी बिरादरी के कई परिवार रहते हैं। अभय की खुदकुशी से पूरा परिवार व दोस्त गहरे सदमे में हैं। उसके पिता के दुष्कर्म मामले में पहले से जेेल में होने से परिवार संकट में था। अब इस परिवार का बड़ा बेटा दुनिया से चला गया तो दोहरी आफत आ गई है। परिजन बार बार यही कह रहे हैं कि पिता को पहले फर्जी मामले में जेल भेजा गया अब बेटे को भी जेल भेजने की साजिश हो रही थी। इसे बेटा बर्दाश्त नहीं कर सका।
मृतक के दादा मिथलेश जोशी ने बताया कि तीन दिनों से लगातार किसी युवती व अतर्रा थाने से दरोगा का फोन आने से अभय भयभीत रहता था। बुधवार को भी लगभग 11 बजे एक फोन आया तो उसने खुद को अतर्रा थाने का दरोगा बताया। फोन पर अभय को हर हाल में थाने आकर दर्ज मामले में बयान देने और बातचीत करने का दबाव बनाया गया। अभय ने उस शख्स से अपनी बहन से भी बात कराई थी। इसके बाद वह बेहद डरा हुआ था। फोन कर उसने दादा को कहा कि अब वह भी फंस गया है।
उसे कई बार आश्वासन दिया गया लेकिन वह डर के कारण कमरे में जाकर जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों ने दरोगा व फर्जी तरीके से अभय को फंसाने की साजिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उधर अतर्रा जिला बांदा थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष राजेश मिश्रा ने बताया कि किसी तरह की धमकी नहीं दी गई। आरोपी अभय के खिलाफ उसकी रिश्तेदार किशोरी के पिता ने 29 मई को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में किशोरी के अदालत में बयान भी दर्ज हो चुके हैं।
इसी बावत आरोपी को फोन कर बुलाया गया था। गुरुवार को पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया है। इसके बाद परिजनों ने सीतापुर ले जाकर उसका अंतिम संस्कार किया। मृतक तीन भाइयों में बडा था। परिजनों के अनुसार मृतक इंटर की पढ़ाई के बाद नीट की कोचिंग कर रहा था।
