Spread the love


बांदा। प्रेमी युगल का शहर के मुक्तिधाम में एक ही समय पर अंतिम संस्कार हुआ। पुलिस ने शवों का पैनल और वीडियो ग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया। घटना को लेकर दोनों परिवारों ने अफसोस जाहिर किया। बोले, दोनों मंशा जाहिर कर देते तो यह दिन न देखना पड़ता। उधर, प्रेमी के पिता ने घटना से पहले दोनों के साथ मारपीट की आशंका जताई है।

नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नेढ़ुवा-पुंगरी गांव के बीच स्थित जंगल में नेढ़ुवा गांव के विकास राजपूत (21) और ऊषा राजपूत (20) का शव एक ही रस्सी से बबूल के पेड़ में फंदे से लटके मिले थे। गुरुवार को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस में दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजन शवों को गांव नहीं ले गए। मुक्तिधाम में देर शाम अंतिम संस्कार किया। मृतक के पिता गुलाब राजपूत ने बताया कि विकास के आंख और चेहरे पर चोट के निशान थे। बताया कि गांव का ही एक व्यक्ति मंगलवार को विकास को साथ ले गया था। घटना से पहले विकास के साथ मारपीट की आशंका जताई है। हालांकि अब तक तहरीर नहीं दी है। कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे।

बांदा। प्रेमी युगल के परिवारों ने बताया कि मोबाइल फोन से उनका प्रेम परवान चढ़ा था। पुलिस अगर घटनास्थल से बरामद दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाले तो शायद उनकी मौत का राज भी खुल सकता है।

मृतक विकास और मृतका ऊषा के घर के बीच की दूरी तकरीबन एक किलोमीटर है। दोनों के परिवारों में मेलजोल भी था। विकास की मां कमला और ऊषा की मां पुनिया एक-दूसरे से सुख दुख भी बांटती थीं। विकास भी ऊषा के घर आता जाता था। पुनिया का कहना है कि कभी उसके सामने यह बात नहीं खुली। हालांकि मोबाइल फोन से बातचीत होती थी, लेकिन उसने कभी ध्यान नहीं दिया।

बताया कि ऊषा की शादी की चर्चा चल रही थी। ल़ड़का देखकर फरवरी माह तक शादी करने का विचार था। गुलाब राजपूत ने बताया कि उसके लिए नौहाई गांव में लडक़ी देखी थी। जल्द ही उसकी शादी की तैयारी थी। इस बीच यह घटना हो गई।

बांदा। नेढ़ुवा गांव की घटना को लेकर मृतका की बड़ी बहन रेखा ने बताया कि ऊषा बाइक चलाने में माहिर थी। वह अक्सर अपनी शादीशुदा बहनों को उनकी ससुराल से मायके बाइक से ले आती थी। रेखा ने कहा कि अगर एक बार वह चर्चा कर देती तो शायद आज यह दिन न देखना पड़ता। ऊषा आठवीं तक पढ़ी थी। वह आठ बहनों में पांचवें नंबर की थी। उससे छोटी तीन बहने हैं। विकास ने 9 वीं तक पढ़ाई की थी। वह दो भाई और एक बहन हैं।

नरैनी। गुुरुवार को पुलिस अधीक्षक अभिनंदन, अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र, सीओ नितिन कुमार, कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह गौर व करतल चौकी प्रभारी ने घटना स्थल की दोबारा बारीकी से पड़ताल की। ग्रामीणों और परिवार के लोगों से पूछताछ की। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा छाया रहा। मृतकों के घरों में मातम छाया रहा। घरों में चूल्हे तक नहीं जले। उधर, पोस्टमार्टम हाउस में विकास की मां कमला कई बार बेहोश हुई। उसे परिवार की महिलाएं दिलासा देतीं रहीं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *