संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मध्य प्रदेश की सीमा से सटा रजौला गांव तीन तरफ से जंगलों से घिरा है। गांव के लोग प्यास बुझाने के लिए तालाबों और दूर-दराज के कुओं पर आश्रित थे। जल जीवन मिशन के तहत अब गांव में स्वच्छ पेयजल की धार पहुंचने लगी है।
बीहड़ क्षेत्रों में गिनती होने के कारण रजौला गांव में बेहद चुनौती भरी परिस्थितियों में रहने वाली आबादी को हर घर में नल से जल मिलने लगा है। जल जीवन मिशन योजना के तहत रोहिणी डैम से मड़ावरा इंटेक वेल में आने वाले रॉ-वाटर का ट्रीटमेंट करके रजौला ओवर हैड टैंक पहुंचाया जा रहा है।
यहां से रजौला, गौराकलां, सौरई गांव को पानी सप्लाई की जाती है। मड़ावरा इंटेक वेल से ही रजौला से सटे मड़ावरा, रनगांव, टिसंगना, छपरौनी, डांगली, जुमियाखेड़ा, पियासा, डोगरा, चोखा, दुरवाड़ा जैसे कई गांव की सात हजार से अधिक आबादी तक स्वच्छ पेयजल की सप्लाई की जा रही है।
