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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। केरल के तट पर अब तक मानसून नहीं पहुंचने की वजह से बुंदेलखंड में भी इस बार मानसून की एंट्री देर से होगी। जून बिना बारिश के यूं ही बीत जाएगा। जुलाई के प्रथम सप्ताह से मानसूनी बारिश शुरू होगी। इस बार सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं।

देश में सबसे पहले एक जून को केरल के तट पर मानसून पहुंच जाता है। इस बार मौसम विभाग ने चार जून तक केरल में मानसून के पहुंचने की भविष्यवाणी की थी। रविवार को भी मानसून ने वहां दस्तक नहीं दी। इसका असर झांसी के साथ समूचे बुंदेलखंड में भी पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिक आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड में इस बार 10 से 12 दिन देर से मानसून आने की संभावना है। बुंदेलखंड में 18 जून से प्री मानसून बारिश शुरू हो जाती है। जबकि, 22 जून से मानसूनी वर्षा शुरू होती है। चूंकि, इस बार केरल के तट पर ही मानसून पहुंचने में देरी हो रही है। इसलिए बुंदेलखंड में 28 जून तक प्री मानसूनी बारिश शुरू होने के आसार हैं। वहीं, मानसून की दस्तक जुलाई के पहले सप्ताह में ही होगी। उन्होंने बताया कि झांसी में सामान्य औसत वार्षिक वर्षा 850 मिलीमीटर होती है। इस बार 700 मिलीमीटर के आसपास बारिश होने की उम्मीद है। कहा कि बार-बार पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहने से नौतपा में अच्छी गर्मी नहीं पड़ी। नौतपा में अच्छी गर्मी न पड़ने से बारिश भी कम होती है। पिछले कई सालों में ऐसा देखने को मिला है।

बूंदाबांदी हुई, शाम को चलीं सर्द हवाएं

झांसी में रविवार को एक बार फिर मौसम बदल गया। सुबह तक जहां अच्छी धूप खिली थी। वहीं, दोपहर दो बजते-बजते आसमान में बादल छा गए और फिर बूंदाबांदी शुरू हो गई। हालांकि, पांच मिनट बाद ही बूंदाबांदी थम गई और फिर आसमान में बादल छंटने के बाद धूप खिल गई। शाम पांच बजे के आसपास सर्द हवाएं चलने लगीं। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते राजस्थान और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में आंधी और बारिश की वजह से झांसी में मौसम में ये बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि अब सोमवार से आसमान साफ रहने से अच्छी धूप खिलेगी। 15 जून तक अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

10 सालों में कब-कितनी हुई बारिश

वर्ष वर्षा

2013-14 1300.8

2014-15 542.77

2015-16 470.30

2016-17 561.11

2017-18 391.33

2018-19 710.17

2019-20 562.22

2020-21 402.58

2021-22 664.72

2022-23 750.22

(नोट: बारिश मिलीमीटर में।)



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