संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। तापमान में तेजी से लोगों की सेहत पर भी खासा असर पड़ने लगा है। गर्मी के कारण संक्रमण बीमारियों के साथ ही हीट स्ट्रोक का खतरा मंडराने लगा है। चिकित्सक भी अनावश्यक घर से बाहर निकलने से परहेज करने की सलाह दे रहे हैं।
तेज गर्मी के कारण संक्रमण रोगियों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना तकरीबन 200 से अधिक मरीज संक्रमण का इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। पारा चढ़ते ही हीट स्ट्रोक का खतरा सताने लगा है। अस्पताल की इमरजेंसी में हीट स्ट्रोक के मरीजों की शुरूआत हो गई है। हीट स्ट्रोक के मरीजों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में वार्ड आरक्षित कर दिया गया है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया की गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना पांच से दस मरीज हीट स्ट्रोक का इलाज करने के लिए आ रहे हैं। गंभीर होने पर औसतन पांच मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रमोद कटियार ने बताया कि हीट स्ट्रोक के मरीजों के बेहतर इलाज के लिए वार्ड को आरिक्षत किया गया है। वार्ड में एक चिकित्सक सहित स्टाफ की तैनाती की गई है। इसके अलावा सभी जरूरी दवाएं भी मुहैया करा दी गई हैं।
