जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बाल संप्रेक्षण गृह का किया निरीक्षण
लीगल क्लीनिक के तहत पैरवी के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे अधिवक्ता, चार किशोर बिना पैरवी के मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बाल अपचारियों की पैरोकारी के लिए आर्थिक तंगी से जूझ रहे उनके परिजनों को अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अब ऐसे बाल अपचारियों के लिए लीगल क्लीनिक संप्रेक्षण गृह में खोला जाएगा।
मंगलवार को प्राधिकरण के सचिव अक्षयदीप व प्रधान न्यायाधीश किशोर न्याय बोर्ड रंजीत वर्मा ने बाल संप्रेक्षण गृह कर निरीक्षण किया। न्यायिक अफसरों ने बाल अपचारियों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। इस दौरान ऐसे चार बाल अपचारी मिले, जिनकी पैरवी नहीं की जा रही थी। ये चारों पिछले दो-तीन माह से यहां रह रहे हैं। उनके परिवार की स्थिति ठीक न होने के कारण उनकी जमानत भी नहीं हो पा रही है।
इनमें एक बाल अपचारी पांच किलो लोहा चोरी के मामले में 90 दिन संप्रेक्षण गृह में है। मेहनत मजदूरी कर उसकी मां परिवार का भरण पोषण कर रही है। धन के अभाव में बेटे की जमानत के लिए अधिवक्ता की तैनाती नहीं कर पा रही है। इसके अलावा अन्य तीन बाल अपचारी, जो पॉक्सो व चोरी के मामलों के संप्रेक्षण गृह में बिना पैरवी के हैं। साथ ही पॉक्सो एक्ट की धाराओं में फंसे होने से उनके परिजन भी बच्चों से मिलने नहीं आ रहे हैं।
इसे देेखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए पत्राचार कर दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अधिवक्ता उपलब्ध कराकर उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य सुधीर त्रिपाठी, स्वेता कुमारी के अलाव पैनल अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह मौजूद रहे।
