सीडीओ ने जांच टीम की नामित, पांच दिन में मिलेगी जांच रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अमझरा गोआश्रय स्थल में गोवंशों की संख्या कम होने के मामले की जांच अब नव नियुक्त सीवीओ और तहसीलदार करेंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने दोनों अधिकारियों को जांच सौंपते हुए पांच दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। हाल ही में पशु चिकित्सालय की ग्राम ग्राम पंचायत नाराहट अंतर्गत अमझरा घाटी पर स्थित गोआश्रय स्थल में गोवंशों की संख्या को लेकर रिपोर्ट वायरल हुई थी। रिपोर्ट में गोआश्रय स्थल पर पूर्व में दर्शाए गए 7130 गोवंशों के सापेक्ष दूसरी रिपोर्ट करीब 5551 दर्शाए गए थे। इस प्रकार से गोआश्रय स्थल में 1579 गोवंश कम पाए गए थे। यह रिपोर्ट प्रभारी सीवीओ के निरीक्षण के बाद तैयार की गई थी।
गोआश्रय स्थल में गोवंशों को लेकर मिली गड़बड़ी की जनपद के लोगों में खूब चर्चा हो रही थी। साथ में गोवंश के नाम पर भ्रष्टाचार होने की बात लोगों के द्वारा कही जा रही थी। अमझरा स्थित गोआश्रय स्थल में गोवंशों की सही स्थिति और गड़बड़ी का पता लगाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय ने एक टीम को नामित किया है। इस टीम में नवनियुक्त किए गए प्रभारी सीवीओ डॉ. विजय यादव और तहसीलदार सदर श्याममणि त्रिपाठी को रखा गया है। इस टीम को गोआश्रय स्थल के सभी अभिलेख खंगालने, गोवंशों की पूर्व व वर्तमान में संख्या के साथ अन्य व्यवस्थाओं के साथ साथ सहभागिता में कितने गोवंश किन-किन ग्रामीणों को दिए गए हैं।
जनपद की अन्य गोशालाओं की भी होगी जांच
अमझराघाटी स्थित गोआश्रय स्थल की जांच करने के साथ साथ जनपद में संचालित अन्य गोआश्रय स्थलों के अभिलेख भी टीम खंगालेगी। जिला प्रशासन के इस फैसले से अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मची है।
सीवीओ व तहसीलदार सदर की टीम एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा। उस पर कार्रवाई की जाएगी।
अनिल कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी
