इस बेइज्जती का बदला लेने के लिए ही उसने उसी चौराहे पर सत्यम को बुलाया और सिर पर गोली मार दी। पुलिस ने तीन अन्य संदिग्धों को उठाया है। कोहना, रानीघाट के मर्करी चौराहा के पास किराये पर रहने वाले सीताराम के बेटे सत्यम पांडेय की सोमवार शाम ग्वालटोली थाने से करीब 100 मीटर की दूरी पर हत्या कर दी थी गई थी।
पुलिस ने कुछ घंटों में रोहित नाम के युवक को गिरफ्तार कर उसके पास से तमंचा भी बरामद कर लिया था। मामले में मृतक की चाची ने रोहित सिंह व कुछ अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रोहित ने पुलिस को बताया कि उसके व धर्मेंद्र उर्फ निक्की के गुट के बीच क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था।
दोस्तों ने की थी तमंचे की व्यवस्था
तीन दिन पहले वह खलासी लाइन से गुजर रहा था। तभी धर्मेंद्र के गुट से सत्यम और उसके दोस्तों ने उसे जमकर पीटा था। उसी दिन बीच चौराहे हुई बेइज्जती का बदला लेने के लिए सत्यम की हत्या करने की ठान ली थी। इसके बाद उसने दोस्तों की मदद से तमंचे की व्यवस्था की और सोमवार को प्लानिंग के साथ हत्या कर दी।
सरेशाम हत्या के लिए चुना चौराहा
रोहित ने पुलिस को बताया कि उसने बदला लेने के लिए उसी चौराहे को चुना, जहां सत्यम ने उसे पीटा था। सत्यम के एक दोस्त के माध्यम से उसे बुलवाया। पहले उसे पीटा तो उसके साथ मौजूद दोस्त मदद के लिए पुलिस को बुलाने थाने की ओर भागे। इस बीच रोहित ने कमर में लगा हुआ तमंचा निकाल कर सत्यम के सिर पर गोली मार दी।
दहशत में लोग, पुलिस को नहीं मिला कोई गवाह
रोहित ने जिस वक्त सत्यम की हत्या की, सब्जी मंडी में सैकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद थी। राहगीरों ने सत्यम के साथ मारपीट होते भी देखी थी, लेकिन किसी ने कोई विरोध नहीं किया। गोली चलने के बाद बाजार में भगदड़ मची, तो लोग दुकानें बंदकर निकल गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल के आसपास खड़े कुछ लोगों से और दुकानदारों से वारदात के संबंध में पूछताछ की, तो किसी ने इस संबंध में कोई गवाही नहीं दी।
18 घंटे से पुलिस गिरफ्त में अभियुक्त
हत्या के बाद देर रात करीब 11 बजे पुलिस ने मुख्य आरोपी रोहित को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद से ही अधिकारियों से लेकर इंस्पेक्टर तक ने पूछताछ शुरू कर दी थी। सोमवार शाम से लेकर मंगलवार शाम तक करीब 18 घंटे तक पूछताछ के बाद भी पुलिस वर्चस्व की वजह स्पष्ट नहीं कर सकी।
