ग्रामीणों की मांग के बाद भी नहीं हुआ समस्या का निदान
संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। ग्राम सभा पिपरई में पानी की भारी किल्लत चल रही है। गांव के जिम्मेदार लोग अपने ही घरों में सरकारी हैंडपंप लगाए हैं। गांव की महिलाएं भीषण गर्मी में कुएं से पानी भरने को मजबूर हैं। लोगों ने खराब हैंडपंप सही कराने की मांग की है।
सरकार जहां ग्रामीणों को शुद्ध और साफ पानी मुहैया कराने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं चला रही है। वहीं कुछ जिम्मेदारों की लचर कार्यप्रणाली के चलते लोगों को योजनाओं का सही लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसा ही हाल ग्राम सभा पिपरई का है। यहां ग्रामीणों ने गांव में खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराने और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने की अधिकारियों से मांग की लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
गांव में ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के लिए 20-30 हैंडपंप लगे हैं। जिसमें लगभग आधा दर्जन हैंडपंप खराब हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान हैंडपंपों को ठीक नहीं करा रहे हैं। जिम्मेदारों द्वारा हैंडपंप की मरम्मत के नाम पर हजारों रुपये कहां खर्च किए जाते हैं। इसकी जांच आवश्यक है।
उधर, इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में पानी का स्तर भी काफी गिर गया है। कुछ हैंडपंप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं दे रहे हैं। पानी के लिए गांव की महिलाओं को काफी दूर चलकर कुओं पर जाना पड़ रहा है। इससे उनका काफी समय पानी भरने में ही बर्बाद हो जाता है।
खराब पड़ा पानी का टैंकर
ग्रामीणों का आरोप है गांव में पानी की किल्लत दूर करने के लिए मुख्यमंत्री पेयजल योजना के तहत ग्राम सभा को पानी का टैंकर दिया गया था। लेकिन, खराब टैंकर विद्यालय के समीप छह माह से खड़ा है। जबकि गांव में पानी की खासी किल्लत चल रही है। फिर इसे ठीक नहीं कराया जा रहा है।
पिपरई गांव में पानी की समस्या के संबंध में किसी ने अवगत नहीं कराया है। हैंडपंपों की मरम्मत के संबंध में खंड विकास अधिकारी से कहता हूं।
संजय कुमार पांडेय, एसडीएम तालबेहट
पानी का टैंकर खराब है या सही इसकी जानकारी मुझे नहीं है। जिला प्रशासन द्वारा पानी के टैंकर बंद कर दिए गए हैं। इससे टैंकर खड़ा है। खराब हैंडपंपों के बारे में अवगत कराने पर उसे सही करा दिया जाता है। सरकारी हैंडपंप प्रधान के घर में नहीं बल्कि सहरिया बस्ती में लगा है।
आलोक वर्मा, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पिपरई
