घटनास्थल पर मिले लोहे तार की जांच में जुटी पुलिस टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। किशोर पवन की गला घोंटकर हत्या होने से गांव के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वहीं एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस टीम को हत्या का जल्द खुलासा करने का निर्देश दिया है। पुलिस टीमें कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। जिसमें घटना स्थल पर मिला हत्या में प्रयुक्त किया गया लोहे का तार भी शामिल है।
कल्यानपुरा निवासी विजय यादव के 12 वर्षीय पुत्र पवन का गला घोंटकर निर्मम हत्या होने के बाद एसपी ने हत्या का जल्द से जल्द खुलासा करने का निर्देश दिया। जिस पर कोतवाली पुलिस, एसओजी, सर्विलांस टीम प्रारंभिक जांच में जुट गई है। पुलिस टीमें हत्या के कारण जानने का प्रयास कर रही है। वहीं परिवार वाले न तो किसी से रंजिश बता रहे हैं और न ही किसी पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं।
जिस कारण से पुलिस को अब सिर्फ घटनास्थल पर मिले लोहे के उस तार को आधार बनाकर जांच करने में जुटे हैं। इसके साथ पुलिस दो और बिंदुओं पर जांच कर रही है, जिसमें एक कोई रंजिश तो दूसरी कोई ऐसी अवैध संबंध बनाने वाली घटना जो किशोर ने देख ली और यही उसकी मौत का कारण बन गई हो इन पर जांच की जा रही है। गांव के लोगों से लेकर नाते रिश्तेदारों से भी जानकारी ली जा रही है। लोगों ने बताया कि विजय के पिता खिलान के नाम करीब 15-16 एकड़ भूमि है। खिलान ने अपने दोनों पुत्रों विजय व बलंबत को बराबर बांट दी थी। सात एकड़ भूमि पर खेती किसानी कर विजय अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है।
मौत से पूर्व पवन ने किया संघर्ष, लेकिन हार गया
पवन के शव को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि मौत से पूर्व पवन ने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया है। उसके हाथ व पैरों में खरोंच और जख्म थे। जोकि यह दर्शाने के लिए काफी थे कि हत्यारों ने उसे पूरी तरह से अपनी जकड़ में रखा था और मौत के घाट उतार दिया।
डॉग स्क्वायड होता तो लग सकता था सुराग
किशोर की निर्मम हत्या हो जाने के बाद जहां फॉरेंसिक जांच टीम मौके पर पहुंची थी और घटनास्थल से कुछ साक्ष्य एकत्रित किए थे। वहीं यहां पर पुलिस को डॉग स्क्वायड की कमी खली। लोगों का कहना है कि अगर घटनास्थल पर पुलिस के द्वारा डॉग स्क्वायड को लाया जाता तो हत्यारे का सुराग लग सकता था। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने डॉग स्क्वायड को बुलाना मुनासिब नहीं समझा। यहीं कारण रहा कि पुलिस को अभी पवन की हत्या का कारण भी पता नहीं चल सका है।
कोई तो उसके जिगर के टुकड़े को वापस ला दे
पवन की गला घोंटकर हत्या होने से जहां गांव के लोग हतप्रभ है तो वहीं जिगर के टुकड़े के वियोग में मां जलेब कुंवर बिलखते हुए घर आने-जाने वालों से कह रही है कि कोई तो उसके जिगर के टुकड़े को वापस ला दे। उसने किसी का क्या बिगाड़ा था जो उसे मार डाला। मां के करुण क्रंदन मोहल्लेवासियों सहित रिश्तेदारों व अन्य परिजनों को भी विचलित कर रहा है। वहीं जब पवन की बहनों ने भाई की लाश देखी तो पांचवें नंबर की बहन तो सदमें में अचेत हो गई थी।
मां का लाड़ला तो पिता का दुलारा था मृतक किशोर
पांच पुत्रियों के बाद पैदा होने वाला पवन अपनी मां जलेब कुंवर का लाड़ला था तो पिता का दुलारा था। काफी मिन्नतों के बाद और पांच बेटियां पैदा होने के बाद उन्होंने पुत्र के रूप में पवन को पाया था। गांव के लोगों का कहना है कि पिता विजय जहां भी जाता था अपने पुत्र पवन को बाइक पर साथ ले जाता था।
मवेशियों को बांधने गया, फिर वापस नहीं लौटा
मृतक पवन के पिता विजय ने बताया कि शाम करीब 4-5 बजे वह पवन को अपने साथ घर से कुछ दूरी स्थित बाड़े जहां पर मवेशी बांधे जाते हैं और भूसा सहित अन्य सामान रखा रहता है प्रतिदिन की भांति लेकर गया था। यहां पवन मवेशियों को बांधने लगा और विजय खेत में लगे ईंट भट्टा को देखने चला गया। इसके बाद मां जलेब बाई बाड़े में गई और वहां पर मवेशियों का दूध निकाला। इसके बाद वह घर आई तो पवन नहीं मिला। काफी देर इंतजार करने के बाद रात्रि करीब आठ बजे से परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी थी।
भूसे के अंदर मिले किशोर के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है। पुलिस की टीमों को घटना का खुलासा करने के निर्देश दे दिए है। जल्द ही इस घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। – अभिषेक कुमार अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक ललितपुर
