चित्रकूट। उत्तर प्रदेश गिरोह बंद अधिनियम एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम गैंगस्टर के मामले में दोष सिद्ध होने पर नौ आरोपियों को पांच-पांच वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को दस हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सनद कुमार मिश्रा ने बताया कि 24 अगस्त 2016 को तत्कालीन कर्वी कोतवाली प्रभारी सत्यपाल सिंह ने नौ लोगों के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी।
जिसमें गैंग लीडर बांदा जिले के अतर्रा क्षेत्र के नगनेधी गांव के निवासी बाबू उर्फ दादू समेत नौ लोगों पर क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों के जरिए आर्थिक एवं भौतिक लाभ प्राप्त करने का उद्देश्य था। पुलिस के अनुसार गैंग लीडर बाबू उर्फ दादू यादव के साथ उसके गांव नगनेधी का ही अशोक उर्फ बच्चा, गिरवा थाने के सेमरिया गांव के बद्दा का पुरवा निवासी लल्लू काछी, कर्वी के कोढन पुरवा का निवासी रामदयाल , गौशाला निवासी प्रेमचन्द्र उर्फ बबूल, देशराज यादव , अमर सिंह , दुगौंवा निवासी देशराज यादव, राजू उर्फ फूदलू पर क्षेत्र में रंगदारी मांगने, लोगों से मारपीट करने एवं पुलिस मुठभेंड़ के साथ जनता में भय का माहौल पैदा करने का आरोप था।
पुलिस ने इस मामले में गैंग लीडर समेत सभी सदस्यों के विरूद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। गुरुवार को बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद त्वरित न्यायालय के अपर जिला जज सुशील कुमार वर्मा ने सभी आरोपियों को पांच-पांच वर्ष कठोर कारावास की सजा व 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
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