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बांदा। जनपद के चार राजकीय व वित्तपोषित महाविद्यालयों सहित 65 स्व वित्त पोषित महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए छात्र-छात्राओं की साइबर कैफों में लाइनें लग रहीं हैं। फिलहाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी की ओर से सीटों का निर्धारण नहीं किया गया है। महाविद्यालयों में इस वर्ष भी मेरिट के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे। मेरिट सूची भी विश्वविद्यालय तय करेगा।

जिले में यूपी बोर्ड में इंटर मीडिएट के 15,949 व सीबीएसई बोर्ड के करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए हैं। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया शुरू करा दी है। कैफों में ऑनलाइन आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं की लाइनें लगी हुईं हैं। छात्र प्रवेश के लिए काफी चिंतित दिखाई दे रहे हैं। राजकीय महिला महाविद्यालय की प्राचार्य व नोडल अधिकारी डॉ. दीपाली गुप्ता का कहना है कि कि जिले में चार राजकीय व वित्त पोषित महाविद्यालयों सहित 65 स्व वित्तपोषित महाविद्यालय है।

पिछले वर्ष विश्वविद्यालय ने इनमें बीए, बीएससी, बीकॉम में प्रवेश के लिए तकरीबन तीन हजार सीटें निर्धारित की थी। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को प्रवेश न होने पर प्राइवेट रूप में डिग्री परीक्षा में बैठना पड़ा था। इस वर्ष विश्वविद्यालय से सीटें बढ़ाए जाने का अनुरोध किया गया है। अगर सीटें नहीं बढ़ीं तो मेरिट 80 प्रतिशत के ऊपर पहुंच जाएगी।

हजारों छात्र-छात्राएं दाखिले से वंचित रह जाएंगे। बताया कि विश्वविद्यालय ने अभी छात्र-छात्राओं से ऑनलाइन आवेदन मांगे है। छात्र-छात्राओं से कहा गया है कि वह कैफे अथवा मोबाइल पर आवेदन कर दें। जून के अंत तक या जुलाई माह में सीटों की स्थिति आने की संभावना है। सीटों के आने के बाद ही मेरिट का अंदाजा लगेगा।

उन्होंने सीटें बढ़ने की उम्मीद जताई है। कहा कि इंटर परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक है। उधर, छात्रों का कहना है कि सीटें कम होने से प्राइवेट महाविद्यालयों में प्रवेश के नाम पर मनमानी फीस वसूली जाती है। ऐसे में सीटों की संख्या बढ़ाई जाना चाहिए।



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