बांदा। सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों में सन्नाटा पड़ा है। दूसरी ओर, प्राइवेट खरीदारों के यहां गेहूं बेचने आए किसानों की लाइन लगी है। यहां किसानों को समर्थन मूल्य से ज्यादा पैसा भी मिल रहा है। ऐसे में मंडल में लक्ष्य के सापेक्ष दो माह में महज 20 फीसदी ही गेहूं की खरीद हो सकी है। जबकि खरीद को महज अब 20 दिन ही शेष बचे हैं।
चित्रकूटधाम मंडल में गेहूं खरीद का काम पहली अप्रैल से चल रहा है। विभिन्न एजेंसियों के 204 क्रय केंद्र खुले हुए है। समर्थन मूल्य 2125 पर खरीद हो रही है, लेकिन किसान क्रय केंद्रों की ओर रुख नहीं कर रहा है। किसानों का रुझान प्राइवेट खरीद केंद्र की तरफ ज्यादा है।
इसके पीछे वह बताते हैं कि सरकारी केंद्र में जहां तमाम शर्ते और अड़ंगेबाजी लगाई जाती है वहीं प्राइवेट खरीद केंद्र में उनका गेहूं आसानी से खरीदा जा रहा है। दूसरी वजह यह भी है कि दाम भी समर्थन मूल्य से अधिक मिल रहे हैं। ऐसे में मंडल के राजकीय गेहूं खरीद केंद्र में अब तक सिर्फ 41050 एमटी गेहूं खरीदा गया। जो लक्ष्य के सापेक्ष 20 फीसदी है। पिछले वर्ष इस अवधि में 15473 एमटी गेहूं खरीद हो गई थी।
इनसेट-
बाजार में गेहूं के दाम (क्विंटल में)
सफेद गेहूं 2300-2400
कठिया गेहूं 2600-2800
जवा मिक्स 2200-2500
चार्ट
चित्रकूटधाम मंडल में गेहूं की खरीद (एमटी में)
जनपद लक्ष्य खरीद
बांदा 72000 8396.37
हमीरपुर 62000 18154.50
महोबा 38000 11385.70
चित्रकूट 320003 3111.66
योग- 204000 41050.23
जसईपुर के किसान अशोक कुमार का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों में गेहूं बेचने में अड़चनें ज्यादा हैं। पंजीयन कराने के बाद सत्यापन में मामला अटक जाता है। किसी तरह गेहूं बेचा तो भुगतान महीनों नहीं होता है।
बाजार में दाम भी अच्छे मिल रहे है और गेहूं भी तत्काल बिक जाता है।
सैमरी के किसान विजय कुमार का कहना है कि 40 क्विंटल गेहूं पीसीएफ के क्रय केंद्र में बेचा था। 15 दिन बाद भी भुगतान नहीं हुआ। जब कि 72 घंटे के अंदर भुगतान के आदेश है। घर में शादी, बीमारी पर खर्च जैसे जरूरी काम रुक गए हैं। 50 क्विटल गेहूं बाजार में बेचने के लिए लाए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि किसानों को गेहूं बिक्री में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए ट्रोल फ्री नंबर 18001800150 जारी किया गया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने भी जनपद स्तर पर शिकायत प्रकोष्ठ की स्थापना की है। जिसका मोबाइल नंबर 9026109092 है। जिस पर किसान अपनी समस्याओं को बता सकता है। जिसका तत्काल समाधान किया जाएगा।
जिला विपणन अधिकारी का कहना है कि क्रय केंद्रों में किसानों को सभी सहूलियतें दी जा रही हैं। धूल में 0.75 फीसदी, अन्य कचड़े में दो फीसदी, क्षतिग्रस्त दाने में दो फीसदी, कटे दाने में सात फीसदी, सिकुड़े दाने में छह फीसदी छूट है। केंद्रों में छाया, पानी, बिजली आदि की व्यवस्था है। शासन की मंशा के अनुरूप एजेंसियों को 72 घंटे के अंदर भुगतान के आदेश भी दिए गए है।
खुले बाजार में गेहूं के दाम अधिक होने से किसान क्रय केंद्रों में कम आ रहे हैं। केंद्र प्रभारियों से कहा गया है कि किसानों से फोन पर संपर्क कर उन्हें गेहूं बेचने के लिए प्रेरित करें। लक्ष्य को प्राप्त करने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
अमर पाल सिंह
संभागीय नियंत्रक
चित्रकूटधाम मंडल, बांदा
