बांदा। प्रदेश की महिला कल्याण एवं बाल विकास सेवा और पुष्टाहार राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि अधिकारी गोद लिए गए आंगनबाड़ी केंद्रों का विकास कराएं। प्रत्येक अधिकारी एक आंगनबाड़ी केंद्र को गोद लेगा। केंद्रों को पोषाहार देने में स्वयं सहायता समूह की शिकायत लगातार मिल रही है। उन्होंने कहा कि पुष्टाहार का वितरण सचिव व अध्यापकों की देखरेख में कराया जाए।
सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों की बैठक में कहा कि कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार एवं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी जांच आदि के कार्यों में तेजी लाई जाए। पुष्टाहार का वितरण समय से कराया जाए।
सुपरवाइजर की जिम्मेदारी है कि वह दाल, दलिया, रिफाइंड आयल का वितरण खुद की देखरेख में कराएं। ग्राम पंचायत सचिव व अध्यापक भी इस पर निगरानी रखें। केंद्रों पर कार्यकत्रियां बच्चों को अच्छा व्यवहार करना सिखाएं। बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के खिलौने आदि उपलब्ध कराए जाएं। बच्चों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए।
केंद्रों पर कार्यकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर अवश्य लिखाएं। जीर्ण-शीर्ण आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्म्त के लिए शासन से पत्राचार किया जाए। सीडीओ से कहा जिन केंद्रों में बिजली, पानी, शौचालय आदि की सुविधा नहीं है वहां पर कायाकल्प योजना से कराया जाए। प्रोवेशन अधिकारी से कहा कि वह विधवा पेंशन पात्र महिलाओं को ईमानदारी से स्वीकृत कराएं। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ वेद प्रकाश मौर्य, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रभा गुप्ता, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीनू सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी केसरी नंदन तिवारी आदि मौजूद रहे।
इसके पूर्व उन्होंने हुकुम सिंह का डेरा में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। केंद्रों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पत्रकारवार्ता में केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार की योजनाएं गिनाईं।
