Spread the love


ललितपुर। लोगों के दिल- दिमाग में पुलिस की छवि पाक-साफ होती है। सूनसान रास्ते पर भी पुलिस आसपास हो तो लोगों को सुरक्षित होने का भरोसा रहता है। खासकर महिलाओं को। लेकिन, जब पुलिस ही लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाए तो विश्वास कम होने लगता है। माना कि हर पुलिस वाले की वर्दी में दाग नहीं होते, कई पुलिस वाले मित्र बनकर लोगों की सहायता करते दिखते हैं, लेकिन ललितपुर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें कई पुलिस कर्मी दुष्कर्म, उत्पीड़न और सेक्स रैकेट सहित ऐसे कई मामलों में लिप्त पाए गए हैं, जिससे आम आदमी का इन पर भरोसा डगमगा रहा है।

जनपद में मित्र पुलिस की छवि को कई पुलिस किर्मयों ने धूमिल किया है। पिछले एक-डेढ़ साल से लगातार वर्दी पर दाग-धब्बे लग रहे हैं। चाहे वह थाना प्रभारी के थाने के अंदर किशोरी से दुष्कर्म करने की घटना हो या महिला को निवस्त्र करके बेल्ट से पीटने का मामला, पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। हाल ही में चौकी नेहरू नगर के प्रभारी रहे उपनिरीक्षक पर एक युवती ने फेसबुक से दोस्ती कर प्रेम प्रसंग में फंसाने और शादी के नाम पर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।

वहीं, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर सराफा कारोबारी से करीब 52 किलो चांदी लूटकर अपने आवास में छिपाकर रखने वाले इंसपेक्टर अजय पाल सिंह जनपद में भी तैनात रह चुके हैं। वह 12 जुलाई 2016 को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के पद तैनात हुए थे। जनपद में शहर कोतवाल बने रहने के दौरान भी विवादों से उनका नाता जुड़ा रहा। ऐसे ही कई मामलों से पुलिस आम नागरिकों के बीच में मित्र पुलिस की छवि खोती जा रही है।

केस- एक

उत्पीड़न के कारण युवक ने थाने में कर ली थी आत्महत्या

27 अगस्त 2022 की रात ग्राम पटऊआ निवासी तेजराम (32) को डायल-112 पुलिस थाने लेकर गई थी। यहां अगले दिन तेजराम ने थाने में बने टॉयलेट में अपनी शर्ट से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उस वक्त थाने में समाधान दिवस चल रहा था। इसमें अपर जिलाधिकारी भी मौजूद थे।

केस – दो

थाने में किशोरी से दुष्कर्म का लगा था आरोप

वर्ष 2022 में थाना पाली प्रभारी निरीक्षक पर 13 वर्षीय किशोरी से थाने में दुष्कर्म करने का आरोप लगा। इसमें मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपी इंसपेक्टर सहित अन्य आरोपियों को जेल भेजा गया था। यह मामला प्रदेश स्तर तक चर्चा में बना रहा था। इसे लेकर काफी दिनों तक पुलिस महकमे में हंगामा होता रहा था।

केस – तीन

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पर दर्ज हुआ था मुकदमा

वर्ष 2022 में ग्राम अमरपुर में हाईवे किनारे भारत एक्सप्लोसिव फैक्टरी के पास बने ढाबे का कब्जा हटाने के दौरान पूर्व प्रधान भैय्यन यादव की आग से जलकर मौत हो गई थी। बवाल के बाद मामले में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया था और मुकदमा दर्ज किया गया, इसकी विवेचना अभी भी चल रही है।

केस – चार

महिला दरोगा ने महिला को दी थी थर्ड डिग्री

14 अप्रैल 2022 को महरौनी कोतवाली में तैनात महिला दरोगा ने एक महिला को कमरे में ले जाकर थर्ड डिग्री टार्चर किया था। महिला पर चोरी का आरोप लगाया गया था। इस मामले में महरौनी कोतवाल, महिला दरोगा और एक पुलिसकर्मी का निलंबन हुआ था। ये मामला उस वक्त काफी चर्चा में था।

केस- पांच

सेक्स रैकेट में शामिल था पुलिसकर्मी

वर्ष 2017 में जनपद में एक सेक्स रैकेट कांड का कोतवाली पुलिस ने खुलासा किया था। इसमें सेक्स रैकेट संचालिका सहित छह-सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें जनपद में तैनात एक पुलिसकर्मी भी शामिल था। अन्य आरोपियों सहित उस पर एक किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगा था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *