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सुबह सफाई कर्मचारियों ने की उठाने की कोशिश, तब हुई मौत की जानकारी

अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। दो दिन पहले घर से बिना बताए निकले रेल कर्मचारी की लाश रात भर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर पड़ी रही, लेकिन यात्री उसे सोता हुआ समझते रहे। सुबह सफाई कर्मचारियों ने उसे उठाने की कोशिश की, तब जाकर कर्मचारी की मौत की जानकारी हुई। इसके बाद जीआरपी और परिजन भी मौके पर पहुंच गए। कर्मचारी की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

थाना कोतवाली इलाके के भांडेरी गेट अंदर निवासी नारायणदास (50) रेलवे में कार्यरत थे। उनकी तैनाती मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय की कैंटीन में थी। वह दो दिन पहले घर से बगैर बताए निकल गए थे। इसके बाद वापस नहीं लौटे। जबकि, परिजन उनकी तलाश में जुटे हुए थे। रविवार सुबह जीआरपी को सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर एक शव पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची जीआरपी ने शव की शिनाख्त नारायणदास के रूप में की। सूचना पर रोते-बिलखते परिजन भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जीआरपी इंस्पेक्टर पंकज पांडेय ने बताया कि मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही कारण साफ होगा।

वहीं, परिजनों ने बताया कि नारायणदास अक्सर घर से बगैर बताए रिश्तेदारियों में निकल जाते थे, लेकिन इस बार वापस नहीं लौटे। वे स्टेशन पर कैसे पहुंच गए, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि मृतक का 25 साल का एक बेटा आकाश और 20 साल की बेटी नीतू है।

गश्त को लेकर उठ रहे सवाल

रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर रात के वक्त भोपाल की ओर से आने वाली ट्रेनों का ठहराव होता है। शनिवार रात को भी प्लेटफार्म पर ट्रेनों से यात्री उतरते और चढ़ते रहे। मगर लाश की ओर किसी ने नहीं देखा। वहीं प्लेटफार्म पर जीआरपी और आरपीएफ की तैनाती रहती है, लेकिन जीआरपी और आरपीएफ ने लाश के बारे में कोई खबर नहीं ली। इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।



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