ललितपुर। उपनिरीक्षक के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद अब कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण और बयान लेने की तैयारी शुरू कर दी है। उधर, मुकदमे की विवेचना की मॉनीटरिंग उच्चाधिकारी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि जनपद कानपुर के अंतर्गत एक मोहल्ला निवासी युवती ने कोतवाली ललितपुर और वर्तमान में पुलिस लाइन में तैनात चल रहे उपनिरीक्षक अतुल तिवारी निवासी पाली फतनपुर प्रतापगढ़ सहित उसके चार परिजनों पर शुक्रवार को कोतवाली सदर में दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया था। उपनिरीक्षक के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमा के बाद अब पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
अब पुलिस पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराने की तैयारी कर रही है। साथ में बयान भी दर्ज कराए जाएंगे। इस मामले में साक्ष्य संकलन भी किया जाएगा। वहीं पुलिस उच्चाधिकारी इस मामले की लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं और विवेचना के हर पर नजर रखे हुए हैं। सूत्रों की माने तो आरोपी दरोगा के खिलाफ अन्य कार्रवाई करने की तैयारी भी पुलिस अधिकारियों के द्वारा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उधर, बताया जा रहा है कि अप्रैल-मई माह में दरोगा की शादी किसी अन्य लड़की से तय हो गई थी। जिसको लेकर दरोगा भी अवकाश लेकर घर चला गया था।
जानकारी मिली है कि दरोगा की शादी के कार्यक्रम के दौरान ही उसके ससुरालवालों को फोन कर प्रेम प्रसंग और शादी की बात बता दी गई थी। जिसके बाद दरोगा की शादी टूट गई थी।
फेसबुक के माध्यम से की दोस्ती, फिर चला प्रेम प्रसंग
आरोपी दरोगा और पीड़ित युवती के बीच प्रेम प्रसंग की शुरूआत फेसबुक के माध्यम से हुई थी। जिसके बाद पीड़िता के पास आरोपी दरोगा आता-जाता रहा और उसे भी अपने पास बुलाता रहा। इतना ही नहीं शादी का आश्वासन देकर संबंध बनाने का दबाव बनाता रहा। 20 मई 2020 को भोपाल के विष्णु मंदिर में विवाह किया। उज्जैन और भोपाल में वह दोनों पति-पत्नी है कहकर होटल में ठहरे थे।
उपनिरीक्षक व उसके परिजनों के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में दर्ज हुए मुकदमे की विवेचना की जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हरीशंकर चंद, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक
