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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। प्रचंड गर्मी में बाहर का फास्ट फूड, कटे हुए फल आदि खाना मरीजों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। सरकारी अस्पतालों में 70 फीसदी मरीज बाहर का खाना खाने और पानी पीने से डायरिया का शिकार हो रहे हैं। रोजाना 45 से 55 मरीज सरकारी अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। वहीं, पिछले एक सप्ताह में डिहाइड्रेशन रोगी 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं।

जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि पसीने की वजह से लोगों के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इस वजह से गुर्दे तक खराब हो सकते हैं। डिहाइड्रेशन ज्यादा हो जाए तो मरीज बेहोश तक हो सकता है। इन दिनों अस्पताल में फिजीशियन ओपीडी में इन दिनों 20 फीसदी डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ गए हैं। वहीं, डायरिया के रोजाना पांच से सात मरीज भर्ती हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. रजत जैन ने बताया कि इमरजेंसी में रोजाना आठ से दस और ओपीडी में दिखाने वाले पांच-छह डायरिया पीड़ित मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। 70 फीसदी मरीजों को शादी-पार्टी, फास्ट फूड या फिर बाहर का खाना खाने से डायरिया हो रहा है। गर्मी में बाहर रखा हुआ खाना एक से डेढ़ घंटे में खराब हो जाता है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद सोनी ने बताया कि गर्मी के चलते रोजाना 18-20 डायरिया पीड़ित बच्चे उल्टी, दस्त की समस्या के साथ भर्ती हो रहे हैं। पांच-सात डिहाइड्रेशन के मरीजों को भी भर्ती करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में भी रोजाना 10 से 12 डायरिया पीड़ित बच्चे भर्ती हो रहे हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

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– ताजा और गर्म खाना खाएं।

– ठेले पर कटे हुए फल न खाएं।

– बाहर का दूषित पानी भी न पीएं।

– फ्रीज के बाहर रखा खाना एक-डेढ़ घंटे में खराब हो जाता है।

ये हैं डायरिया के लक्षण

– मुंह सूखना।

– थकान महसूस होना।

– सिरदर्द होना।

– कम पेशाब आना।

– त्वचा सूखी, ठंडी होना।

– भ्रम की स्थिति होना।

– बेहोश हो जाना।



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