मेडिकल कॉलेज में समाहित होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने उठाया कदम
महिला चिकित्सालय के स्टाफ को हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज में समाहित होने के बाद महिला चिकित्सालय के स्टोर रूम को पुरुष चिकित्सालय में मर्ज कर दिया गया है। लेकिन, इससे सबसे ज्यादा परेशानी महिला चिकित्सालय के स्टाफ को रही है, उन्हें पहले पुरुष चिकित्सालय जाना पड़ रहा है, इसके बाद फिर दवाइयों के लिए पुराने स्टोर रूम जाना पड़ता है।
जनपद मुख्यालय पर स्थित कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज में मर्ज कर दिया गया है। इसके साथ ही यह चिकित्सा शिक्षा विभाग में पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित होने के समय इस अस्पताल को पुरुष व महिला दो भागों में बांटा गया था। शासन से दोनों अस्पताल के संचालन के लिए अलग-अलग बजट भेजा जाता था, साथ ही प्रशासनिक कार्य के लिए भी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद थे, एक महिला व एक पुरुष अस्पताल की व्यवस्था को देखता था।
लेकिन, अब संयुक्त चिकित्सालय के मेडिकल कॉलेज में मर्ज होने के बाद एक चिकित्सालय बनाने के लिए कार्य तेज हो गया है। यहां पर एक ही मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की तैनाती होगी, तो वहीं दवाइयों के स्टोर को भी मर्ज कर दिया गया है। ऐसे में अब महिला अस्पताल में वितरित होने वाली दवाइयां भी पुरुष अस्पताल से मिलेंगी। हालांकि पुरुष चिकित्सालय के स्टोर रूम में पर्याप्त जगह न होने के कारण सिर्फ स्टोर रूम के दफ्तर को एक किया गया है। जबकि दवाइयां महिला चिकित्सालय के स्टोर में रखी जा रही हैं।
ऐसे में महिला चिकित्सालय स्टाफ को पहले दवाइयां पास कराने के लिए पुरुष चिकित्सालय आना पड़ता है। उसके बाद दवाइयां अपने पुराने स्टोर से ही लेनी होती हैं। इससे समय का नुकसान हो रहा है, तो वहीं सिर्जकल खरीद के लिए भी बजट नहीं आ रहा है, इससे भी खासी परेशानी हो रही है।
मेडिकल कॉलेज में मर्ज होने के कारण पुरुष व महिला चिकित्सालय अब एक ही है, इसलिए दवाइयां व अन्य सामग्री एक ही जगह से स्वीकृत की जाएगी-डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल।
