
honey trap gang
– फोटो : अमर उजाला
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जिन पुलिसवालों से अपराधी और माफिया थर्राते हैं, वे हनी ट्रैप गैंग की एक सरगना के चंगुल में फंसकर बर्बाद हो गए। इस सरगना ने मीठी बातों के जाल में फंसाकर ठगी के लिए पुलिस और दूसरे सरकारी विभागों के कर्मियों और अफसरों को खासतौर से चुना। देखते देखते वह रुपयों का अंबार लगाती चली गई। नोटों से खेलते हुए उसके कई वीडियो और अश्लील ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हनी ट्रैप गैंग की सरगना की शादी फतेहगंज पूर्वी कस्बे के पास एक गांव में हुई थी। कुछ साल पहले उसके पति की मौत हो गई। मौत को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं रहीं। इसके बाद वह फतेहगंज पूर्वी में आकर रहने लगी। यहां वह जुगाड़ से फरीदपुर सीएचसी के अधीन आशा कार्यकर्ता बन गई। सबसे पहले पूर्वी थाने के ही एक सिपाही से नजदीकी बढ़ाई। उसके साथ रहकर बाद में उसी के खिलाफ वीडियो व साक्ष्य देकर शिकायत कर दी।
पुलिस और गैंग के ही सूत्र बताते हैं कि वहां पहला समझौता करीब डेढ़ लाख रुपये में हुआ। इसके बाद महिला सरगना की हिम्मत बढ़ गई। उसने एक विधायक के पीआरओ को निशाना बनाया। करीब दो लाख रुपये ऐंठकर शिकायत दबा दी। सिंचाई विभाग के एक रिटायर्ड कर्मचारी उसके हाथ सवा दो लाख रुपये की ठगी का शिकार होकर शिकायत करते घूम रहे हैं।
एक अनुमान के मुताबिक 40-50 लोग इस गिरोह के शिकार होकर ढाई करोड़ रुपये ठगी में गंवा चुके हैं। इनमें अधिकतर सरकारी कर्मचारी व रिटायर्ड अधिकारी हैं। इनके साथ ही व्यापारी, नेता और रसूखदार लोग भी शामिल हैं। गैंग की अन्य लड़कियां आम लोगों को शिकार बनाती हैं।
