चित्रकूट/बांदा। बढ़ती गर्मी व उमस के बीच उल्टी दस्त व बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 24 घंटे के अंदर बांदा और चित्रकूट में मासूम बालिका समेत चार लोगों की मौत हो गई है। कई मरीज भर्ती हुए हैं।
चित्रकूट के सदर ब्लाॅक क्षेत्र के हरिजनपुर अतरसुइया निवासी संदीप कुमार ने बताया कि उसकी नौ माह की बेटी नंदनी को दो दिन से उल्टी दस्त हो रहे थे। बुखार भी था। पहले प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया गया लेकिन कुछ राहत नहीं मिली तो जिला अस्पताल लेकर आए। यहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसी प्रकार बेडीपुलिया निवासी चंदा प्रसाद (55) को बुखार व श्वांस की समस्या होने पर पुत्र लवकुश इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा शहर के एसडीएम काॅलोनी निवासी रिटायर्ड शिक्षक कुंज बिहारी की भी बुखार व पेटदर्द के कारण मौत हो गई।
जिला अस्पताल में बुखार व उल्टी दस्त से पीड़ित चार मरीजों को भर्ती कराया गया है। चकजाफर निवासी सुनीता, कपसेठी निवासी हृदेश कुमार, कपसेठी निवासी मंगल प्रसाद व शोभासिंह का पुरवा निवासी बिटटी देवी को भर्ती किया गया है।
वहीं, दूसरी ओर बांदा के जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीज ने दम तोड़ दिया। जबकि डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने से जिला अस्पताल और ट्रामा सेंटर के बेड फुल हो गए हैं। ट्रामा सेंटर में बेड न मिलने पर मरीजों का बेंच पर इलाज किया जा रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने से प्रतिदिन जिला अस्पताल में 1200 पर्चे बन रहे हैं।
बुधवार की देर शाम शहर कोतवाली क्षेत्र के रब्बानी नगर की रहने वाली मुनेशा (60) को बुखार के चलते परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई। उधर, ट्रामा सेंटर में परशुराम तालाब की मोहिनी (2), बबेरू की अनुष्का (6), अंशिका (4), पुनाहुर की कंचन (2), सातर, बबेरू के शिवम (5), अतर्रा के रामस्वरूप (80), गुजेनी मरका के लीला देवी (75), दरदा गांव के अनुज (1), करबई की अंकिता (28), सिंहपुर का दिव्यांशु (2), मकरी, गिरवां का जगतराम (70) को गुरुवार को भर्ती कराया गया है। ट्रामा सेंटर के वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान का कहना है कि गर्मी के दिनों में बुजुर्ग हल्का भोजन लें। खाली पेट घर से न निकलें। बाहर का तला और बासी भोजन करने से बचें।
