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वादकारियों व अधिवक्ताओं को हो रही खासी परेशानी

संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। जनपद न्यायालय में मुकदमों की तारीख मैनुअल व ऑनलाइन में अंतर के कारण वादकारियों व अधिवक्ताओं को खासी परेशानी हो रही है। अधिकांश मामलों में यह देखने को आ रहा है। जो तारीख फाइल पर होती है, वह तारीख ऑनलाइन न दर्शायी जाने के कारण आरोपियों की अनुपस्थिति के चलते वारंट भी जारी हो चुके हैं। अधिवक्ताओं ने इस व्यवस्था को सुधारने के लिए न्यायालय प्रशासन को कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ है।

न्यायालयों को आधुनिक बनाने के लिए ऑनलाइन मुकदमें की स्थिति व आगामी सुनाई की तारीखें दिखाई देती हैं। जिससे आरोपी घर पर ही अग्रिम तारीख जानकारी ले सके और समय से न्यायालय में पहुंच सके। इससे पहले अधिवक्ताओं के पास तारीख के पास जाना होता था। क्योंकि सुनवाई के तुरंत बाद तारीख नहीं मिलती है। जनपद न्यायालय में इस प्रणाली को लागू किया गया, लेकिन ऑपरेटरों द्वारा बिना फाइलों का अवलोकन किए, ऑनलाइन तारीखें फीड कर दी जाती हैं, जिससे वादकारियों व अधिवक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

फाइलों को अवलोकन किए बिना ही तारीख ऑनलाइन तारीख दी जा रही हैं। अगर ऑनलाइन के तारीख पर न्यायालय में उपस्थित हो, केस की फाइल नहीं मिलती है। ऐसे में कई मामले ऐसे भी आए हैं, कि ऑनलाइन तारीख सही मान कर आरोपी न्यायालय में उपस्थित हुआ, तो उसे पता चला कि उसकी तारीख निकल चुकी है। कई बार तो वारंट भी जारी हो गए हैं। – हरदयाल लोधी, एडवोकेट

जिम्मेदारों द्वारा कार्य पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऑपरेटर तारीख दर्ज करते समय फाइल पर ध्यान नहीं देते हैं। इससे ही फाइल पर दर्ज तारीख व ऑनलाइन तारीख पर फर्क आता है। कई बार पेशी पर आने पर पता चलता है कि उसकी तारीख बीत गई है। – जितेंद्र बरया, एडवोकेट

ऑनलाइन तारीख पर अब अधिवक्ताओं ने ध्यान ही देना बंद कर दिया है। क्योंकि फाइलों में दर्ज तारीखें अभी भी कंप्यूटर पर दर्ज तारीखों से मेल नहीं खाती हैं। जिससे वादकारियों को खासी परेशानी होती है। इसका तत्काल निदान किया जाना चाहिए। – सुदेश नायक एडवोकेट



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