बिजरौठ/तालबेहट। प्रशासनिक अधिकारियों की लचरता के चलते इस समय खनन माफियाओं के हौसले बुलंद है। खनन माफिया सरकारी जमीनों के साथ साथ सरकारी पत्थरों को भी अपना निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहे है। विकास खंड के ग्राम बिजरौठा में दो तालाब है। एक तालाब प्राचीन है और एक तालाब ग्राम सभा का है। दोनों तालाबों में पत्थर की पीचिंग लगी है। ग्राम सभा के तालाबा को सुंदर एवं सुरक्षा की दृष्टि से कुछ वर्ष पहले ही ग्राम सभा द्वारा लाखों खर्च करके तालाब में पीचिंग लगवाई गई थी। इस समय क्षेत्र के खनन माफियाओं की नजर तालाबों की पीचिंग में लगे पत्थरों पर है। माफिया पीचिंग में लगे पत्थरों को निकाल कर चोरी से खुले आम बेच रहे हैं। जिससे तालाब के अस्तित्व पर खतरा हो सकता है। लोगों ने पीचिंग के पत्थर उखाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। लोगों को आरोप है कि खनन माफियाओं की दंबगई के चलते कोई भी उनके खिलाफ बोलने से कतराता है।
