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चित्रकूट। पहाड़ी थाना क्षेत्र के खजुरिहा गांव निवासी शिवनरेश यादव ने बताया कि उसके चाचा मातादीन (72) गुरुवार को बकरी चराने गए थे दोपहर को वह खेत में ही बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल ला रहे थे लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। पत्नी मनोदिया का रोकर बुरा हाल है। लू लगने से मौत की जानकारी पर एसडीएम राजबहादुर ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेजकर जानकारी की जा रही है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से स्थिति ज्यादा स्पष्ट होगी। (संवाद)

बांदा। हीट स्ट्रोक के चलते दो बुजुर्गों की जान चली गई। एक का शव सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय के पास और दूसरे का जिला अस्पताल परिसर में पड़ा मिला। दोनों ही मौतों में हीट स्ट्रोक की आशंका जताते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोच्युरी में रखवाया गया है।

उधर, डायरिया से पीड़ित 12 लोगों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। ट्रामा सेंटर में बेड कम पड़ने से शुक्रवार को भी मरीजों का बेंचों पर इलाज किया गया।

खन्ना (महोबा) के रहने वाले उदय सिंह (75) का शव गुरुवार को दोपहर संकट मोचन मंदिर के पास स्थित सैनिक कल्याण बोर्ड के पास पड़ा पाया गया। बोर्ड के कर्मियों ने हीट स्ट्रोक की आशंका जताते हुए पंचनामा भरवाया है। बताया गया कि कुछ वर्षों पहले वह साधू हो गए थे। मथुरा में रहते थे। अपने गांव जाने के लिए बांदा आए थे। उधर, जिला अस्पताल परिसर के पास अज्ञात 60 वर्षीय वृद्ध ने भी गुरुवार दोपहर दम तोड़ दिया। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि वह मांगकर खाता था और अस्पताल में पड़ा रहता था। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भर कर आगे की कार्रवाई शुरू की ह।

जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भीषण गर्मी के चलते शुक्रवार को डायरिया से पीड़ित खाईंपार निवासी किरन (18), इंदिरानगर निवासी उर्मिला देवी (70), नगनेधी निवासी ज्योति (30), क्योटरा निवासी ज्ञान देवी (50), गज्जू सिंह का पुरवा निवासी राकेश (35), निम्मीपार निवासी शोभा (25), तिंदवारा निवासी रानी (50), रोशनी (13), लामा गांव निवासी इच्छा (2), काशीराम कालोनी निवासी अर्पित (10), बेर्रांव, बबेरू निवासी भारती (33) को भर्ती कराया गया है। जबकि पल्हरी, बिसंडा निवासी गिल्ली (65) को बुखार के चलते भर्ती कराया गया है। जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में इन दिनों मरीजों की संख्या ज्यादा होने से सभी 22 बेड फुल होने पर भर्ती मरीजों को बेंंचो और फर्श पर इलाज किया जा रहा है।

स्टाफ नर्स की कमी से स्वाइन फ्लू वार्ड और आयुष्मान वार्ड शुरू नहीं हो सका है। जिसकी वजह से मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं। त्वरित इलाज करने की मंशा से ट्रामा सेंटर में रखी बेंचो पर मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है। स्टाफ नर्स की भर्ती के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। जिला अस्पताल को 34 स्टाफ नर्स की जरूरत है। जबकि उनके पास 17 ही हैं।

डॉ. एसएन मिश्रा

सीएमएस, जिला पुरुष अस्पताल, बांदा।



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