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माताटीला, डोंगरी, लहचूरा समेत कई बांधों का पानी डेड स्टोरेज की ओर खिसक रहा

उटारी एवं रोहिणी बांध में पानी तकरीबन पूरा खत्म हो चुका

मानसून अच्छा नहीं रहा तो रबी समेत पूरे सीजन में किसानों को नहीं मिल सकेगा पानी

अमर उजाला ब्यूरो

ललितपुर। माताटीला, डोंगरी, लहचूरा समेत झांसी मंडल के छह बांधों में अब सिंचाई का पानी नहीं बचा। यहां उपलब्ध पानी धीरे-धीरे डेड स्टोरेज की ओर खिसक रहा है। स्थिति यह आ गई है कि पानी कम हो जाने से माताटीला बांध से अब सिंचाई के लिए पानी भी नहीं छोड़ा जा रहा। यहां सिंचाई के लिए सिर्फ 42 एमसीएम (मिलियन घनमीटर) पानी बचा है। वहीं, उटारी एवं रोहिणी बांध में पानी तकरीबन पूरा खत्म हो चुका है। सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना है कि अगर मानसूनी बारिश अच्छी नहीं हुई तो रबी सीजन में किसानों को पानी नहीं मिल पाएगा।

झांसी मंडल में कुल 26 बांध हैं। इनमें 13 झांसी एवं 13 बांध ललितपुर में हैं। झांसी में रबी की फसल की सिंचाई के लिए किसान पूरी तरह राजघाट, माताटीला, सपरार, खपरार, पथरई, शहजाद, लहचूरा आदि बांधों के पानी पर निर्भर रहते हैं लेकिन, तेज गर्मी इन बांधों का पानी तेजी से खत्म कर रही है।

सिंचाई अभियंताओं के मुताबिक गर्मी की वजह से न सिर्फ पानी की खपत अधिक हो गई बल्कि बांधों का जलस्तर भी तेजी से कम हुआ है। इसके चलते माताटीला बांध समेत मंडल के 12 बांधों में अब किसानों को देने के लिए सिंचाई का पानी नहीं बचा। लहचूरा और उटारी बांध में पानी ही नहीं बचा।

वहीं, माताटीला, शहजाद, जामनी, रोहिणी, जमरार, डोंगरी, पहाड़ी, सिजार एवं लखेरी बांध में दस प्रतिशत से भी कम पानी शेष बचा है। उनका कहना है कि बांध में पानी कम होते जाने से इन बांधों से सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया जा सकेगा। अगर बारिश मेें यह बांध भर सके तब ही रबी सीजन में किसानों को पानी मिल सकेगा।

एक्सईएन मो. फरीद का कहना है कि माताटीला बांध में सिंचाई के लिए पानी नहीं है हालांकि पीने का पानी अभी पर्याप्त है। पीने के पानी की कोई भी किल्लत नहीं होगी।

बांध भंडारण क्षमता (मिलियन घनमीटर में) वर्तमान में पानी (प्रतिशत में)

माताटीला 120.53 6.98

शहजाद 311.70 3.21

जामनी 397.48 5.10

रोहिणी 393.30 4.58

उटारी 322.40 00

जमरार 366 5.83

डोंगरी 267.27 8.17

लहचूरा 175.50 00

सिजार 205.40 7.55

बारह से अधिक नहर प्रणाली होती हैं संचालित

इन सभी बांधों से कुल 12 से अधिक नहर प्रणाली संचालित होती हैं। माताटीला बांध से बेतवा नहर को पानी मिलता है। इन बांधों से अलग-अलग शहजाद दायीं एवं बायीं नहर प्रणाली, सजनम, रोहिणी नहर, उटारी नहर प्रणाली, पहूंज नहर प्रणाली, बड़वार नहर प्रणाली, पथरई नहर प्रणाली, सिजार नहर प्रणाली एवं लखेरी नहर प्रणाली से पानी दिया जाता है।



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