ललितपुर। जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज में मर्ज होते ही मेडिकल कॉलेज के मानक के अनुरूप दवाइयों की डिमांड शासन को भेज दी गई है। ऐसे में महीने के अंत तक अस्पताल में कैंसर, ह्दय रोग और ह्रदयघात सहित कई असाध्य रोगों की दवाइयां भी मिलने लगेंगी।
जिला अस्पताल में अब मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर कार्य प्रारंभ होने लगे हैं। शासन को विशेषज्ञों की तैनाती को लेकर डिमांड भेजी जा चुकी है। साथ ही अगस्त माह से यहां पर शिक्षण कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद भी दिखाई दे रही है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा, तो जल्द ही जनपद में ह्दय रोग और ह्रदयघात के अलावा कई गंभीर रोगों का इलाज प्रारंभ हो जाएगा। जबकि अभी तक मरीजों को झांसी व भोपाल जाना पड़ता था। अभी तक जिला अस्पताल के मानक के अनुसार ही दवाइयां व सुविधाएं मिलती थीं, लेकिन अब मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर सुविधाएं व दवाइयां उपलब्ध होंगी। वहीं, शासन स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। हर प्रकार की शल्य चिकित्सा का इंतजाम भी जनपद स्तर पर होगा। अभी तक जनपद में सिर्फ सामान्य शल्य चिकित्सा होती आई है। लेकिन आधुनिक मशीनों द्वारा अब शल्य चिकित्सा क्षेत्र में सुधार होगा।
ह्रदयघात के मरीजों को जाना पड़ता है बाहर
वर्तमान जिला चिकित्सालयों में दवाइयों व संसाधन की कमी के कारण ह्रदयघात के मरीजों को इलाज के लिए झांसी रेफर किया जाता है। क्योंकि जिला अस्पताल में ह्रदयघात का पूरा इलाज उपलब्ध नहीं है। अब ऐसे मरीजों को राहत मिलेगी, उन्हें समय पर यहीं पर इलाज मिल सकेगा।
दवाइयों व विशेषज्ञों के लिए शासन स्तर पर पत्र लिख दिया गया है। जल्द ही अस्पताल में असाध्य रोगों का इलाज भी प्रारंभ हो जाएगा। -डॉ. डी नाथ, प्रधानाचार्य, स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय ललितपुर।
