ललितपुर के जिला अस्पताल गर्मी में डॉक्टरों के पास पहुंच रहे 60-70 लोग, अधिकांश को भर्ती करना पड़ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। भीषण गर्मी में लू के थपेड़े घर से अच्छे खासे निकले व्यक्ति को बीमार कर रहे हैं। जिला अस्पताल में हर रोज लू लगने के 60-70 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से 40-50 मरीजों को कुछ घंटों के लिए भर्ती भी करना पड़ रहा है। डॉक्टर मरीजों को बता रहे हैं कि गर्म हवा के थपेड़ों को हल्के में न लें, वरना तुरंत लू की चपेट में आ सकते हैं।
जिले में दो-तीन हफ्तों से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। इससे लू लगने के कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ रही है। एक-डेढ़ हफ्ते से दिन भर में 60-70 मरीज डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अनुराग यादव और वरिष्ठ फिजीशियन पवन सूद ने बताया कि मरीजों को बुखार, उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन की समस्या हो रही है। कई मरीजों का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ मिल रहा है। समस्या ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है। सभी मरीजों को बाहर खुले में बिकने वाली चीजें खाने से मना किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि साफ पानी पिएं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि मरीजों को देखते हुए तुरंत इलाज की व्यवस्था की गई है। मरीजों को बताया जा रहा है कि जब भी लू लगने का अंदेशा लगे शरीर में पानी की कमी न होने दें। हृदय रोगी, पुरानी बीमारी, मोटापा, अनियंत्रित मधुमेह के मरीजों के साथ-साथ ब्लड प्रेशर के मरीज धूप में जाने सें बचें। बाहर निकलना बहुत जरूरी हो तो दोपहर में तो बिल्कुल न निकलें।
लू लगने के लक्षण
– त्वचा लाल होना।
-सांस तेज होना।
-सिरदर्द, उल्टी, थकान।
-कमजोरी, चक्कर आना।
-पेशाब ठीक से न होना।
-बुखार, भूख न लगना।
ये करें उपाय
-खूब पानी पिएं, लस्सी, नींबू और छाछ जरूर लें।
-धूप में हल्के कपड़े, चश्मा, छाता और टोपी जरूर पहनें।
-यात्रा करते समय ओआरएस घोल घर से ले जाएं। शरीर ढककर रखें।
-लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर गीले सूती कपड़े से शरीर पोंछ दें।
गर्मी में इस पर दें ध्यान
-दोपहर 12 से तीन बजे के बीच धूप में जाने से बचें।
-गहरे रंग के भारी और तंग कपड़े न पहनें।
-बासी या अधिक प्रोटीन वाला भोजन न खाएं।
-संक्रमित खाद्य एवं पेय पदार्थों का प्रयोग न करें।
-अल्कोहल, चाय व काफी पीने से परहेज करें।
