ललितपुर। कोरोना काल में आरटीओ कार्यालय में कागजों पर सरेंडर की गईं 13 निजी बसें धड़ल्ले से सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं। अब इन बसों पर कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। परिवहन विभाग ने इनके बस संचालकों को खोजना शुरू कर दिया है।
कोरोना काल के दौरान परिवहन सेवा बंद होने से निजी बस संचालकों को घाटा हुआ था। क्योंकि विभाग बसों का संचालन नहीं होने पर भी टैक्स वसूली कर रहा था। इसे लेकर बस संचालकों ने जब विरोध जताया, तो शासन ने तीन महीने का टैक्स माफ करते हुए बसों को सरेंडर करने के आदेश कर दिए थे। जिसके चलते जिले में संचालित होने वाली करीब 70 से 80 बसों को सरेंडर कर दिया गया।
उधर, जिले में अभी भी 13 बसें ऐसी मिली हैं, जो कागजों पर सरेंडर होने के बाद भी सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार चेकिंग के दौरान ऐसी बसों का संचालन होते पाए जाने पर पांच गुना जुर्माना लगाया जाएगा।
आरटीओ प्रभात पांडेय ने बताया कि यदि सरेंडर की गईं बसों का संचालन होते पाया जाता है, तो बस को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। संवाद
