पिछले वित्तीय वर्ष में दस करोड़ की धनराशि की गई थी निर्गत, अभी तक 60 प्रतिशत भी नहीं कर पाए खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएमडब्लूएम) के लिए फेज-1 में चयनित 23 ग्राम पंचायतों में पिछले वित्तीय वर्ष में दस करोड़ रुपये निर्गत किया गया था। लेकिन इनमें 14 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिन्होंने अभी तक 60 प्रतिशत धनराशि भी खर्च नहीं की है। इन सभी सचिवों को पंचायत राज विभाग ने नोटिस जारी किए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन तहत ग्राम पंचायतों में संचालित ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के फेज-1 कार्यक्रम में पांच हजार से ऊपर वाली आबादी वाले ग्राम पंचायतों का चयन किया था। जनपद में ऐसी 23 ग्राम पंचायतों को शासन ने 10.66 करोड़ रुपये भेजे थे। वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह धनराशि ग्राम पंचायतों के खातों में डाल दी गई थी। लेकिन पिछले पूरे वित्तीय वर्ष व इस वित्तीय वर्ष के तीन माह गुजरने को है, अभी तक मात्र ग्राम पंचायतों ने 60 प्रतिशत की धनराशि खर्च की है।
एक माह पूर्व तो हालत और भी खराब थी, इन सभी ग्राम पंचायतों इस धनराशि का पचास प्रतिशत भी खर्च नहीं किया था। जब पंचायत राज विभाग द्वारा सचिवों को जब नोटिस जारी किया गया, तो कुछ ग्राम पंचायतों द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में रुचि दिखाई गई। लेकिन अभी इन ग्राम पंचायतों में 14 ऐसी ग्राम पंचायतें हैं, जिन्होंने अभी तक स्वच्छ भारत मिशन के तहत 60 प्रतिशत धनराशि भी खर्च नहीं की है।
इन ग्राम पंचायतों में बानपुर, बार, जाखलौन, बालाबेहट, डोंगराकलां, बिरधा, जखौरा, बुढ़वार, नाराहट, सौजना, साढ़ुमल, सैदपुर, पुराकलां, कड़ेसराकलां शामिल हैं। इन सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए, चेतावनी जारी की गई है।
एसएलडब्लूएम के तहत फेज-1 में स्वीकृत 23 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनके द्वारा अभी तक 60 प्रतिशत भी स्वच्छ भारत मिशन के तहत खर्च नहीं किया गया है। ऐसी ग्राम पंचायतों के सचिव को नोटिस जारी किए गए हैं।
नवीन मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी।
