आक्रोशित किसान शांत हुए, कर रहे मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेेंसी
ललितपुर। भावनी बांध परियोजना पूर्ण होने को है, लेकिन यहां किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। इससे आक्रोशित किसान मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी कर रहे थे, इसकी भनक लगते ही जिला प्रशासन ने किसानों से वार्ता कर उनकी समस्या के निस्तारण के लिए अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग मनमाने ढंग से मुआवजे का वितरण कर रहा है।
भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के बैनर तले भावनी बांध परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाले ग्राम गहराव एवं जरावली के किसान प्रदर्शन कर रहे थे। करीब दो सौ किसानों ने समस्या का निदान न होने पर मुख्यमंत्री से मिलने की योजना तैयार की, जब इसकी भनक जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन को लगी, तो उन्होंने किसानों से संपर्क किया, साथ ही मंगलवार को संगठन के जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा किसानों के साथ अपर जिलाधिकारी गुलशन कुमार के कार्यालय पहुंचे।
वहां पर किसानों ने अपनी समस्या से अवगत कराया। अपर जिलाधिकारी ने मुआवजा वितरण को लेकर एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया, जिसमें एसडीएम तालबेहट व एसडीएम महरौनी के सहित अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम को भी नामित किया गया।
उन्होंने मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के अधिकारियों का सख्त निर्देश जारी किए कि किसानों को जल्द ही पारदर्शी तरीके से मुआवजे का वितरण किया जाए। बताते चलें कि भावनी बांध परियोजना के तहत निर्माण कार्य दो तहसील तालबेहट व महरौनी के अंतर्गत चल रहा है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग द्वारा मनमाने तरीके से मुआवजा वितरण किया जा रहा है।
