बांदा। बुधवार की पूरी रात हुई बारिश से तापमान में भले ही गिरावट आई है पर बुखार और डायरिया के मरीजों का अस्पताल में भर्ती होने का तांता नहीं टूटा है। गुरुवार को भी ट्रामा सेंटर में बुखार और डायरिया से ग्रसित 10 मरीजों को भर्ती कराया गया है। उधर, जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि रात में उनकी कोई नहीं सुनता। कई बार बुलाने पर भी स्टाफ नर्स नहीं आती हैं।
बुखार और डायरिया के मरीज कम होने का नाम नहीं ले रहे। प्रतिदिन ट्रामा सेंटर में मरीज भर्ती हो रहे हैं। गुरुवार को बुखार और डायरिया से पीड़ित जमालपुर गांव निवासी सावित्री (35), नरैनी निवासी रामनरेश (70), धीरज नगर निवासी गायत्री (25), स्वराज कॉलोनी निवासी रानी देवी (28), जरैली कोठी निवासी बुधिया (55), डीएम कॉलोनी निवासी खुशी (10), गुरेह गांव निवासी राकेश (25), बलखंडीनाका निवासी रेशू (10), कटरा निवासी पिंकी (24), महोखर निवासी सतरूपा (55) को भर्ती कराया गया।
उधर, जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदार अछरौड़ निवासी श्याम वर्मा, बिसंडा गांव निवासी जागेश्वर व मोहन पुरवा निवासी आयूषी ने बताया कि रात में स्टाफ नर्स सुनती नहीं है। मरीजों को बोतल खत्म होने पर बुलाने पर भी स्टाफ नहीं आता है। जिससे मरीजों को दिक्कत होती है। जिला अस्पताल के वार्ड में बेड फुल होने की वजह से एक बेड में दो मरीजों को लिटाया गया है।
स्टाफ नर्स की कमी की वजह से सिर्फ आई वार्ड में मरीजों की सही से देखभाल नहीं हो पा रही है। शेष सभी वार्डों में स्टाफ पूरा है। वर्तमान में 34 स्टाफ नर्स की जरूरत है। अस्पताल में 17 ही कार्यरत हैं।
डॉ. एसएन मिश्रा
सीएमएस, जिला पुरुष अस्पताल, बांदा।
