बांदा। एडीएम की गाड़ी पर पथराव और पुलिसकर्मी पर हमले के मामले में आरोपी पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति ने गुरुवार को अदालत में समर्पण कर दिया। उनके वकील के प्रार्थना-पत्र पर प्रथम-सत्र न्यायाधीश ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है। अगली पेशी चार जुलाई को होगी।
2017 के विधानसभा चुनाव से एक दिन पहले तिंदवारी रोड स्थित मंडी में सपाइयों ने एडीएम की गाड़ी रोककर पथराव किया था। इसमें गाड़ी क्षतिग्रस्त होने के साथ ही बलखंडी चौकी प्रभारी राजनारायण नायक घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक ब्रजेश प्रजापति समेत 38 के खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था।
इसमें पूर्व विधायक को छोड़कर अन्य सभी आरोपियों ने एमपीएमएलए कोर्ट गरिमा सिंह की अदालत से अपनी जमानत करा ली थी। पूर्व विधायक की ओ्र से अपनी जमानत न कराने पर न्यायालय ने जमानती व गैर जमानती वारंट जारी पेशी पर हाजिर होने का आदेश दिया था। इस पर पूर्व विधायक उच्च व उच्चतम न्यायालय चले गए थे। जहां पर अंतरिम जमानत का प्रार्थना-पत्र देकर राहत चाही थी, लेकिन दोनों ही जगह से उनके प्रार्थना-पत्र को खारिज कर दिया था।
इसके चलते गुरुवार को पूर्व विधायक ने बांदा की एमपीएमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट प्रभारी सीजेएम बीडी गुप्ता के यहां अंतरिम जमानत के प्रार्थना-पत्र की सुनवाई हुई। उन्होंने प्रार्थना-पत्र निरस्त कर दिया। इस पर उनके वकील ने जिला जज के यहां जमानत के लिए प्रार्थना-पत्र दिया। जिला जज ने प्रार्थना-पत्र प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कमरुज्जमा खान की अदालत में सुनवाई के लिए ट्रांसफर कर दिया। जहां पर सुनवाई में जज ने उनका प्रार्थना-पत्र स्वीकृत करते हुए अंतरिम जमानत दे दी। मामले की अगली सुनवाई चार जुलाई को होगी। यह जानकारी विशेष लोक अभियोजक अंबिका व्यास ने दी।
