
सांकेतिक तस्वीर
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बांदा जिले में पेट में पड़े पस के पांच ऑपरेशन कराने के बाद भी ठीक न होने और इलाज में पैसा खर्च होने से आर्थिक तंगी झेल रहे किसान ने फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने परिजन से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की है। मटौंध थाना क्षेत्र के बसहरी गांव निवासी शिव विशाल (47) ने बुधवार को दोपहर एक बजे सूने घर का मुख्य दरवाजा बंद कर बरामदे में धन्नी से रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना के समय पत्नी ज्ञाना खेत में थी, बड़ा बेटा अनुराग कुछ देर बाद घर पहुंचा तो दरवाजा बंद होने पर हाथ डालकर कुंडी खोली। पिता को फंदे में लटका देखा। मृतक के चचेरे भाई दिलीप सिंह ने बताया कि वर्ष 1996 में पारिवारिक विवाद के कारण रिश्तेदारों से मारपीट की घटना हुई थी। मारपीट में मृतक के पेट में बल्लम घुसेड़ दिया था। इससे उसके जख्म हो गया था। 1996 से उसका इलाज बांदा और झांसी के अस्पताल में चल रहा था।
उसके पेट के पांच ऑपरेशन हो चुके थे। 20 दिन पहले पांचवां ऑपरेशन झांसी में हुआ था। इसके बावजूद वह ठीक नहीं हो रहा था। इलाज में उसके पांच लाख रुपये खर्च हो चुके थे। चचेरे भाई के मुताबिक दवा इलाज से आर्थिक तंगी हो गई थी। पांच बीघा जमीन से परिवार का गुजर-बसर हो रहा था। इसी के चलते उसने फंदा लगाकर जान दी है। थानाध्यक्ष रामदिनेश तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया परिजनों ने घटना का कारण बीमारी से ठीक न होना बताया है। मामले की जांच की जा रही है।
