बांदा। दो दिन में मांगे नहीं मानी गईं तो सामूहिक आत्मदाह कर लेंगीं, यह कहना है मांगों को लेकर सत्याग्रह पर चार दिन से बैठीं महुआ ब्लॉक के राजाराम पुरवा की महिलाओं का। उनके मुंह पर नेता गुम, प्रशासन चुप की लिखी पट्टी बंधी है। हाथ में बसंती रंग से रंगे डंडे हैं।
चार दिन से संपर्क मार्ग की मांग के लिए सत्याग्रह पर बैठीं वंदना का कहना है कि प्रशासन हमारे लोकहित के मामले में चुप्पी साधे है। ऐसा लगता है कि प्रशासन गरीबों के लिए नहीं, बल्कि अमीरों के लिए ही है। इसलिए प्रशासन की चुप्पी के संकेत पर हमने अपने मुंह पर पट्टी बांध ली है ताकि सबको पता चल सके।
पूर्व प्रधान विजय बहादुर ने सत्याग्रह का समर्थन करते हुए कहा कि तत्काल प्रशासन को इनकी मांगों को पूरा करना चाहिए। चिंगारी संगठन की रोशनी ने कहा कि जिस सरकार में महिलाओं के सम्मान के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हों, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के नारे लगाए जा रहे हों। उसी सरकार में अपने गांव में बेटियों की शिक्षा व सड़क के लिए महिलाएं सत्याग्रह पर बैठी हों और प्रशासन लगातार अनदेखी कर रहा हो, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि हमने दो दिन पहले घोषणा की थी कि मांगें नहीं मानी गयीं तो हम गांव छोड़कर चले जायेंगे। अब हम इस गांव में नहीं रहेंगे। यदि दो दिन के अंदर मांगें नहीं मानी गईं तो हम सभी सामूहिक आत्मदाह कर लेंगी।
