संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 28 Jun 2023 12:46 AM IST
बांदा। चेक बाउंस के मामले में दोषी को न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज जूनियर डिवीजन वरूणा बसिष्ट ने एक वर्ष की कैद व सात लाख जुर्माना किया है।
कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी निवासी रमेश कुमार मिश्रा ने 22 सितंबर 2016 को चेक बाउंस का वाद दायर कर बताया था कि आवास विकास कालोनी निवासी पूर्व प्रधानाचार्य व एलआईसी एजेंट रामआधार गुप्ता ने उनसे पेंशन प्लान के तहत 20 फरवरी 2016 को पांच लाख चेक दिया था। लेकिन बीमा नहीं किया और सारा पैसा खर्च कर लिया। कागज मांगने पर 15 दिन का समय मांगा।
समय पूरा होने पर पैसा मांगा तो 10 अगस्त 2016 को पांच लाख चेक दे दिया। उसे खाते में लगाया तो चेक बाउंस हो गया। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रामआधार को दोषी पाते हुए सजा व जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि अपील के लिए उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया।
