बांदा। जाली नोट छापकर बाजार में खपाने के दोषी को विशेेष न्यायाधीश गैंगस्टर की अदालत ने चार वर्ष की जेल व जुर्माना की सजा सुनाई है। मामले में जेल में बंद पश्चिम बंगाल निवासी दूसरे आरोपी के जुर्म कबूल न करने पर उसकी पत्रावली अलग कर दी गई है। दोषी अतर्रा कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला है।
अतर्रा कोतवाली क्षेत्र में कस्बा अतर्रा के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के पास रहने वाले गैंगस्टर के दोषी घनश्याम गुप्ता को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर गुणेंद्र प्रकाश की अदालत ने सजा सुनाई है। अतर्रा कोतवाली में आठ अप्रैल 2019 को घनश्याम के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने घनश्याम और मिथुन उर्फ अब्दुल सलाम निवासी मालवा, पश्चिम बंगाल के खिलाफ भारतीय जाली नोट छापकर बाजार में खपाने का आरोप था।
सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक सौरभ कुमार सिंह ने एक गवाह पेश किया। घनश्याम ने अदालत के सामने जुर्म कबूल कर लिया। घनश्याम की ओर से जुर्माने की धनराशि जमा न करने पर दो माह अधिक जेल में रहना होगा।
मामले में पश्चिम बंगाल निवासी दूसरे आरोपी मिथुन की पत्रावली अलग कर दी गई है। शुक्रवार को मिथुन को भी जेल से अदालत में पेश किया गया, लेकिन जज के सामने उसने जुर्म कबूल नहीं किया। उसे अगली पेशी की तारीख देकर जेल भेज दिया गया है।
