Spread the love


चित्रकूट। जिला मुख्यालय से सटे पाही गांव स्थित मत्स्य विभाग का आधा तालाब गायब हो गया है। विभाग की एक हिस्सा जमीन पर भी अतिक्रमण कर घर बना लिए गए। कई ने तो दुकानेें भी खोल रखी है। कई सालों से इस कब्जे को हटवाने के लिए विभाग सक्रिय हुआ और 55 चिंहिंत लोगों को उनके घर दुकान में जगह खाली करने की नोटिस चस्पा करा दी है।

झांसी मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे कालूपुर पाही गांव के पास पुलिस विभाग का सीओ सिटी और महिला थाना कार्यालय है। इसी के पीछे मत्स्य विभाग संचालित है। मत्स्य विभाग यहीं पर कई छोटे छोटे तालाब में मछली के बच्चों को पालने का काम करता है। कई तालाबों के आधे हिस्से गायब हैं इसमेें घर व दुकानें बन गई हैं। जिस पर जिला प्रशासन की तरफ से ऐसे लोगों के घर नोटिस चस्पा कर घर खाली कराने के लिए कहा गया है।

दावा किया जा रहा कि 55 ने अवैध कब्जा कर लिया है। जिनको घर खाली कराए जाने के लिए समझाया जा रहा है, यदि ऐेसा नहीं करते तो तीन जुलाई से घर गिराने की कार्रवाई भी शुरु कर दी जाएगी। यहां रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि उनके नाम जमीन का पट्टा है। वह इस स्थान पर कई वर्ष से रहते हैं। यह गौरतलब है कि ग्रामीण अपने पट्टे का कागजात नहीं दिखा रहे हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जगह खाली न कराने और पटटा की बात बताई है तो इसकी जांच के लिए एसडीएम सदर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है।

मत्स्य विभाग ने मछली के बच्चे पालने के लिए तालाबों का निर्माण किया था। खाली जमीन भी पड़ी थी। जहां आसपास कई मकान बने हुए हैं। जिला मत्स्य अधिकारी किशन शर्मा का दावा है कि उनके विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया। जिसको खाली कराने के लिए कई बार कहा गया इसके बाद भी खाली नहीं किया जा रहा है।

जिले के अधिकारियों ने कब्जा करने वालों के साथ कई बार बैठक कर समझाने का प्रयास भी किया गया है। ग्रामीणों से कई बार कागजात भी मांगे गए जिन्होंने आज तक नहीं दिखाए। जमीन खाली कराने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से टीम भी बनाई गई है।

चित्रकूट। मत्स्य विभाग की जमीन व तालाब पर अतिक्रमण को लेकर जिला प्रशासन की जांच टीम ने पूरी रिपोर्ट नहीं दी है। सदर एसडीएम राजबहादुर ने बताया कि मामले में ग्रामीणों से कागजात मांगे गए हैं। उन्हें कागजात न होने पर सुरक्षित स्थान पर नया घर बनाने के लिए कहा गया है। इसके बाद भी अभी जांच व पूछताछ की प्रक्रिया जारी है। इधर विभागीय सूत्रों की मानें तो तीन जुलाई के बाद से इन अतिक्रमण वाले स्थानों को खाली कराने की कार्रवाई शुरु होगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *