चित्रकूट। सड़क हादसे के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) के टेंपो चालक को सुनाई गई सजा व जुर्माने को अपर सत्र न्यायाधीश ने बरकरार रखा है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह ने बताया कि रेहुंटिया गांव निवासी प्रेमशंकर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि टेंपो से उसका भाई राममिलन अपनी पत्नी सुंता व पुत्र अनिल के साथ रेहुंटिया आ रहा था। खोह पुलिस लाइन के पास चालक मोहन की लापरवाही व तेज गति से टेंपो चलाने के कारण टेंपो पलट गई थी।
इसमें इलाज के दौरान घायल राममिलन की मौत हो गई थी। इस मामले में न्यायिक मजिस्टे्रट (द्वितीय) ने 27 अप्रैल 23 को आरोपी टेंपो चालक कैमहा पुरवा खरौंध निवासी मोहनलाल को एक वर्ष का कारावास व 1900 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बाद आरोपी पक्ष की ओर से जिला जज के यहां फैसले पर पुन: अपील दाखिल की थी।
यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में स्थानांतरित हुआ।
अपर सत्र न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) के फैसले को सही ठहराते हुए सजा व जुर्माना को बरकरार रखने का आदेश दिया है।
