बांदा। शहर के 16 परीक्षा केंद्रों पर हुई वीडीओ की परीक्षा के दौरान 15 साल्वर पकड़े गए थे। सभी दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे। शहर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को सभी को सीजेएम कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस ने मामले में 30 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। रैकेट से जुड़े सदस्यों की धर पकड़ के लिए एसपी ने 11 टीमें लगा रखी हैं। जो प्रयागराज व बिहार समेत कई संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही हैं। मास्टर माइंड प्रयागराज का बताया जा रहा है।
पंचायत सचिव, ग्राम विकास अधिकारी व समाज कल्याण पर्यवेक्षक की परीक्षा शहर के 16 केंद्रों पर 26 और 27 जून को हुई थी। पहले दिन अलग-अलग कॉलेजों से पांच सॉल्वर और दूसरे दिन 10 को पकड़ा गया था। शहर कोतवाली पुलिस ने पकड़े गये 15 सॉल्वर के अलावा जिन अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे उनके समेत 30 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद से पुलिस सॉल्वर गैंग के सदस्यों की तलाश में जुटी है।
एसपी ने एसओजी, सर्विलांस और नौ विवेचकों की टीम रैकेट से जुड़े सरगना व सदस्यों को पकड़ने के लिए लगा रखी हैं। टीमें प्रयागराज, लखनऊ, बिहार समेत कई स्थानों पर छापामारी कर रही हैं। अब तकपुलिस ने करीब आधा सैकड़ा लोगों से पूछताछ की है। इसमें पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो जल्द ही सरगना भी गिरफ्त में होने की बात कही जा रही है।
सभी सॉल्वर परीक्षा के दौरान बायोमैट्रिक अटेंडेंस के दौरान पकड़े गये थे। कोतवाल मनोज शुक्ला ने बताया टीमें संदिग्धों की पहचान कर पूछताछ कर रही हैं। अभी कुछ बताना संभव नहीं है। बताया कि परीक्षा के दौरान पकड़े गए 15 सॉल्वरों को कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
