चित्रकूट। सदर कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर बस्ती के एक घर में करंट की चपेट में आई मां-बहन को बचाने में पुत्र की मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। झुलसी मां-बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सीतापुर के बस स्टैंड के पास मोहल्ला की निवासी रोडवेज बस परिचालक लवकुश की पत्नी अभिलाषा ने बताया कि वह शनिवार की सुबह रोज की भांति घर में गृहकार्य कर रही थी। इसी बीच वह बाथरूम की ओर गई तो कहीं से बिजली का तार कटा होने से दरवाजे में करंट होने से वह इसकी चपेट में आ गई।
यह देख खाना बना रही पुत्री खुशी (17) चिल्लाते हुए उन्हें बचाने पहुंची तो वह भी करंट की चपेट में आ गई। चीख पुकार सुन वहां मौजूद पुत्र अभिमन द्विवेदी (18) आ गया। दोनों को किसी तरह करंट से तो मुक्त करा दिया, लेकिन वह खुद चपेट में आ गया। पड़ोसियों ने आनन फानन तीनो को शिवरामपुर सीएचसी ले गए।
जहां डाक्टरों ने मां-बेटी को गंभीर दशा के चलते जिला अस्पताल भेज दिया। डाक्टरों ने अभिमन को मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार में कोहराम मचा है। मृतक इकलौता पुत्र था। कलकत्ता में 12 वीं कक्षा में वेद शिक्षा प्राप्त कर रहा था। दोदिन पूर्व ही वह घर आया था।
सरैंया(चित्रकूट)। मानिकपुर थाना क्षेत्र के मुस्लिमपुरवा में पंचर की दुकान संचालित करने वाले दुकानदार की करंट लगने से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि दुकान में ही सोते समय पंखे से करंट की चपेट में आया। घटना से परिजन शोकाकुल हो गए। घटना की जानकारी परिजनों को दूसरे दिन सुबह हो सकी।
सरैंया के मुस्लिमपुरवा निवासी जमील अली ने बताया कि उसका पुत्र सदाकत अली (२६) घर के बाहर ही पंचर की दुकान संचालित करता था। रात को दुकान बंद कर घर से खाना खाकर दुकान में ही सोने आया था। सोते समय दुकान में लगे फर्राटा पंखे को दूसरी दिशा में रखते समय करंट की चपेट में आ गया। इसकी जानकारी किसी को नहीं हो सकी क्योंकि वह दुकान में अकेले सोता था।
शनिवार की सुबह जब परिजन जागे और दुकान खोलने के लिए सदाकत को जगाने पहुंचे तो वहां का नजारा देख चौक गए। बताया कि सदाकत के दोनों हाथ पंखे से पकड़े मिले। पंखे में करंट होने की जानकारी हुई। लाइट बंद कर उसे पंखे से अलग किया तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। इसके बाद पुलिस सूचना दी गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। मृतक तीन भाई दो बहनों में तीसरे नंबर का था।
