
सिक्का प्रतीकात्मक
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हाथरस के कस्बा सहपऊ निवासी राजेश की चार वर्षीय पुत्री सलोनी ने सोमवार की दोपहर को खेल-खेल में सिक्का निगल गई। सिक्का उसके गले में अटक गया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। मामले की जानकारी होते ही परिजनों के होश उड़ गए। परिजन बच्ची को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए। चिकित्सक ने सिक्का निकालने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इधर, बच्ची की हालत लगातार बिगड़ रही थी। लिहाजा चिकित्सक ने उसे रेफर कर दिया। ड्यूटी पर तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. जेके मल्होत्रा का कहना है कि बच्चे ने सिक्का निगल लिया था, जो गले में फंस गया है। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रेफर कर दिया गया है।
गौरतलब है कि आठ जून को गांव गढ़ी नंदराम नगरिया में खेलते हुए एक बच्चे ने सिक्का निगल लिया था। सिक्का बच्चे के गले में फंस गया था, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ गई थी। परिजन आनन-फानन बच्चे को जिला अस्पताल लेकर आए। चिकित्सक ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे के गले से सिक्का निकाला, जिसके बाद उसकी हालत में सुधार हुआ।
23 जून को थाना सदर कोतवाली क्षेत्र के सीकनापान गली में बुधवार को एक बच्चे ने सिक्का निगल लिया था। सिक्का उसके गले में फंस गया था। उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे भी उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए थे। चिकित्सक ने बच्चे को रेफर कर दिया था।
