ललितपुर। तालाबपुरा में सोमवार को पुलिस फरिश्ता बनकर आई। युवक फंदे पर लटका तो परिजनों ने उसे मरा समझकर पुलिस को बुला लिया। मौके पर पहुंचे गोविंद सागर बांध चौकी प्रभारी ने आननफानन युवक को फंदे से नीचे उतारकर हार्ट पंपिंग की। देखते ही देखते उसकी सांसें लौट आईं। इसके बाद युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां से मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया गया।
तालाबपुरा का संजू कुशवाहा (23) पुत्र रामरतन कुशवाहा घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटक गया। इसकी सूचना परिजनों ने गोविंद सागर बांध चौकी प्रभारी साजेश कुमार को दी। साजेश कुमार पहुंचे तो उन्होंने देखा कि कमरा अंदर से बंद था। वह दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे और संजू को नीचे उतारा। फंदे पर लटके रहने से वह बेसुध हो गया था। चौकी प्रभारी ने युवक को जमीन पर लिटाया और अपने दोनों हाथों से उसके सीने को दबाकर हार्ट पंपिंग दी। इसके बाद पुलिस संजू को लेकर जिला अस्पताल पहुंची, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरीशंकर चंद ने बताया कि युवक को अस्पताल पहुंचाया गया था। परिजनों ने कोई शिकायती पत्र नहीं दिया है।
दस मिनट तक की हार्ट पंपिंग, परिजन बोले – धन्यवाद
युवक को मौत के मुंह से खींचने के लिए चौकी प्रभारी को करीब दस मिनट तक हार्ट पंपिंग करनी पड़ी। दस मिनट के बाद जब संजू के शरीर में हरकत हुई तो परिजनों ने राहत की सांस ली। परिजनों ने चौकी प्रभारी को धन्यवाद दिया।
परिजनों ने विपक्षियों पर लगाए आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि उनका एक प्लॉट है। कुछ समय पूर्व तक मोहल्ले के कुछ लोगों ने इस प्लॉट पर कब्जा किया था। इस दौरान उनका प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ तो उन्होंने अपने प्लॉट पर निर्माण करा लिया। इससे विपक्षी उनके परिवार से रंजिश रखने लगे। आए दिन गाली-गलौज कर धमकी देने लगे। सोमवार को भी विपक्षियों ने उनके साथ गाली-गलौज की थी और संजू को जान से मारने की धमकी दी थी। आए दिन दी जाने वाली गाली और जान से मारने की धमकी से क्षुब्ध होकर संजू ने खुदकुशी की कोशिश की। हालांकि इस संबंध में परिजनों ने पुलिस को कोई शिकायती पत्र नहीं दिया है।
